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नवोदय में OBC और MBBS में एडमिशन के लिए SC सर्टिफिकेट... कोर्ट ने भदोही के स्टूडेंट को सुनाई 7 साल की सजा, लगाया जुर्माना

भदोही के एक स्टूडेंट ने जवाहर नवोदय विद्यालय में एडमिशन के लिए ओबीसी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया और फिर प्रयागराज मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन के लिए उसने एससी सर्टिफिकेट लगाया. इस मामले में जांच के बाद आरोपी का एडमिशन कैंसिल हो गया था और अब कोर्ट ने भी उसे सजा सुना दी.

भदोही में फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट लगाकर MBBS में एडमिशन पाने वाले स्टूडेंट को 7 साल की जेल भदोही में फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट लगाकर MBBS में एडमिशन पाने वाले स्टूडेंट को 7 साल की जेल
aajtak.in
  • भदोही,
  • 13 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:35 AM IST

यूपी के भदोही के रहने वाले एक स्टूडेंट ने फर्जी अनुसूचित जाति (SC) सर्टिफिकेट का उपयोग करके प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन ले लिया. इस मामले में कोर्ट ने स्टूडेंट को सात साल की जेल की सजा और 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.  

दरअसल अमित कुमार बिंद नाम का स्टूडेंट गोपीगंज के इब्राहिमपुर गांव का रहने वाला है. उसने पहले जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में एडमिशन के लिए ओबीसी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया था. हालांकि 23 मार्च 2010 को उसने कथित तौर पर एक फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त किया, जिसमें उनकी पहचान खटीक जाति से होने की थी. खटीक जाति एससी श्रेणी के अंतर्गत आती है. एसपी मीनाक्षी कात्यान ने कहा कि अमित कुमार बिंद ने 2018 में एससी कोटा के तहत मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कार्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया.  

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कैसे हुआ फर्जी सर्टिफिकेट का खुलासा? 

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये मामला तब सामने आया जब गोपीगंज इलाके के रहने वाले विजय बहादुर उर्फ विश्राम सिंह ने 7 जून 2018 को एक शिकायत दर्ज कराई. जांच के बाद अमित कुमार बिंद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया. एसपी ने कहा कि FIR दर्ज होने के बाद मेडिकल कॉलेज ने बिंद का एडमिशन कैंसिल कर दिया और उसे निष्कासित कर दिया. 

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7 साल की जेल, 11 हजार रुपये जुर्माना 

स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर रमेश चंद्र ने बताया कि मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सबीहा खातून की अदालत में हुई. उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बिंद को दोषी पाया और उसे सात साल जेल की सजा सुनाई. इसके साथ ही अमित कुमार बिंद पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है.

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