
आईआईटी बीएचयू (IIT-BHU) छात्रा से गैंगरेप के तीनों आरोपियों कुणाल पांडेय, सक्षम पटेल और अभिषेक चौहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वारदात के 60 दिन बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है. फिलहाल, उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपियों ने घटना में प्रयुक्त बाइक की नंबर प्लेट बदल दी थी.
इतना ही नहीं वो वाराणसी छोड़कर मध्य प्रदेश चले गए थे. फिर लखनऊ समेत दूसरे शहरों में जा-जाकर अपने ठिकाने बदल रहे थे. जब आश्वस्त हो गए कि अब पुलिस उनपर एक्शन नहीं लेगी तो वाराणसी लौट आए.
BHU गैंगरेप मामले में पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे. पिछले 60 दिनों में वो गिरफ्तारी से पहले मध्य प्रदेश के चुनाव में गए थे. उसके बाद राजधानी लखनऊ भी पहुंचे थे. इस बीच पुलिस ने लगातार उनके नंबर सर्विलांस पर लगा रखे थे, जिससे उनको ट्रेस किया जा रहा था.
60 दिन बीत जाने के बाद जब कोई एक्शन नहीं हुआ तो आरोपियों को लगा कि अब पुलिस उनको नहीं गिरफ्तार करेगी. ऐसे में वो आराम से अपने-अपने घरों को लौट आए. लेकिन लौटने के बाद ही पुलिस ने शिकंजा कस दिया और तीनों को उठा लिया.
जानिए तीनों आरोपियों के बारे में
आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने जांच को भटकाने के लिए घटना के दिन प्रयोग होने वाली बुलेट पर नंबर प्लेट नहीं लगा रखी थी. लेकिन बाद में नंबर प्लेट लगा ली. बुलेट (बाइक) कुणाल पांडेय की बताई जा रही है. वो पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. 2 साल पहले उसकी शादी हुई थी. उसके ससुर पहले से पार्षद हैं. अब वह खुद पार्षद बनने का प्लान बना रहा था.
वहीं, दूसरे आरोपी अभिषेक चौहान उर्फ आनंद के खिलाफ मारपीट टाइप के मुकदमा पहले से दर्ज हैं. वह इंटर की पढ़ाई कर रहा है. उसके पिता और साड़ी छपाई का काम करते हैं.
जबकि, तीसरा आरोपी सक्षम पटेल कौड़िया अस्पताल में कम्पाउंडर है. उसके परिजन फल की दुकान भी लगाते हैं. कहा जा रहा है उसके घर पर विधायकों से लेकर सत्ता पक्ष के लोग आते-जाते रहे हैं. वह एक बड़े स्थानीय नेता का कुछ दिन पीए भी रहा है.
फिलहाल, पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं. जांच के बाद गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हो सकती है.