
यूपी निकाय चुनाव में बीजेपी के बड़े बड़े दिग्गज भी अपनी पार्टी के प्रत्याशियों की हार नहीं बचा सके. एटा निकाय चुनाव में जलेसर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी इंदुवाला कुशवाह को उनकी पार्टी के ही बागी प्रत्याशी गौरी वर्मा ने हरा दिया. एटा की जलेसर तहसील केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के संसदीय क्षेत्र में आती है. जलेसर नगर पालिका पर केंद्रीय मंत्री की साख दांव पर लगी हुई थी और उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में जनता से वोट भी मांगे थे. लेकिन इसके उलट बागी तेवर अपनाए गौरी वर्मा ने बीजेपी प्रत्याशी इंदुवाला शाक्य को लगभग 500 वोटों से शिकस्त देकर जलेसर नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा कर लिया.
शुरू से ही जीत की मजबूत दावेदार थी बीजेपी
निकाय चुनाव अपने चरम पर आने से पूर्व ही बीजेपी प्रत्याशी इंदुवाला शाक्य एक मजबूत और विनिंग प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा था और उससे भी बड़ी बात थी क़ि बीजेपी प्रत्याशी भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल की पहली पसंद थीं. यही वजह थी कि इंदुवाला शाक्य टिकट की रेस में सबसे आगे थीं और टिकट पाने में कामयाब भी रहीं.
जलेसर नगर पालिका अध्यक्ष सीट के लिए इंदुवाला के साथ बीजेपी की गौरी वर्मा ने भी बीजेपी से टिकट मांगा था. लेकिन बीजेपी ने गौरी वर्मा को तरजीह न देते हुए इंदुवाला को टिकट थमा दिया. अपना टिकट कटने से नाराज गौरी वर्मा ने बगावती तेवर अपनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नॉमिनेशन कर बीजेपी खेमे में हलचल बड़ा दी.
निर्दलीय प्रत्याशी ने रोक दिया BJP का विजय रथ
जलेसर नगर पालिका सीट शुरू से ही बीजेपी के खाते में मानी जा रही थी. निर्दलीय प्रत्याशी गौरी वर्मा की मुकाबले में ही गिनती नहीं हो रही थी. लेकिन मतगणना स्थल पर जब काउंटिंग शुरू हुई तो कभी इंदुवाला और कभी गौरी वर्मा के आगे होने से दोनों ओर के समर्थकों की धड़कनें तेज हो रही थीं. लेकिन अंतिम दो चक्र में गौरी वर्मा ने बीजेपी प्रत्याशी से बढ़त बनाते हुए जलेसर में बीजेपी का विजय रथ रोक कर सबको चौंका दिया. यूपी: अमेठी से गोरखपुर तक बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवारों ने मनवा लिया लोहा
(रिपोर्ट: देवेश पाल सिंह)