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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में करीमुद्दीनपुर थाने की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बठौर गांव के पास से शादी का झांसा देकर लूटपाट करने वाले लुटेरी दुल्हन गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. इनके खिलाफ पहले से ही कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं.
दरअसल, वादी के भाई रूपेश शाक्य की शादी कराने के नाम पर गिरोह के सदस्यों ने एक दूसरे के फर्जी रिश्तेदार बनकर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिए. इसके बाद धोखे से तीन ग्राम सोने का मंगलसूत्र, 8200 रुपये के कपड़े और एक लाख रुपये नकद लेकर शादी करने के बाद दुल्हन और उसका सामान लेकर फरार हो गए.
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पुलिस के मुताबिक, ये पहले भी हरियाणा, राजस्थान, जयपुर, उत्तर प्रदेश आदि जिलों के लोगों को शादी का झांसा देकर ठगी करने और फिर उनसे शादी कर कीमती सामान लेकर भागने का अपराध कर चुके हैं. इनके गिरोह का सरगना हरिश्चंद्र यादव और सोनी उर्फ नजमुनिशा है. बता दें कि करीमुद्दीनपुर थाने की पुलिस थाना क्षेत्र के शेरमठ अंडरपास पर मौजूद थी कि खास मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त भीम राम को ग्राम बठौर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया.
रिश्तेदार बनकर लूट को देते थे अंजाम
इस दौरान उसकी तलाशी में 1 एंड्रॉयड फोन बरामद हुआ. अभियुक्त भीम की निशानदेही पर अभियुक्त कुसुम (दुल्हन), कृष्णकांत राम, करन कुमार, रंजना, सोनी उर्फ नजमुनिशा, गीता देवी, इंदू देवी को गिरफ्तार कर लिया गया. ये सभी एक गिरोह बनाकर एक ही लड़की से शादी का झूठा वादा करके चौथी बार शादी कराने आए थे. इनका तरीका था कि शादी के बाद लड़की तथा उसके जेवर, पैसे व महंगे कपड़े लेकर फरार हो जाएंगे. गिरोह में शामिल ये लोग अलग-अलग धर्मों के होने के बावजूद एक दूसरे के रिश्तेदार बनकर इस तरह की लूट को अंजाम देते थे.
मामले में पुलिस ने कही ये बात
मोहम्मदाबाद क्षेत्राधिकारी शेखर सेंगर ने बताया कि लुटेरी दुल्हन का यह गिरोह यूपी ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी इस तरह की आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है. इनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. इनके खिलाफ पहले से ही कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं.