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यूपी के बुलंदशहर में पुलिसकर्मी ने CPR देकर बचाई बेहोश पड़े बंदर की जान, VIDEO वायरल

बुलंदशहर में पुलिसकर्मी ने एक बंदर को बेहोशी की हालत में देखा तो सीपीआर दिया. इतने में भी बंदर को होश नहीं आया तो उसे पानी पिलाया और फिर पानी से नहला दिया. जिसके बाद बंदर की तबीयत ठीक हो गई. पुलिसकर्मी द्वारा बंदर को बचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

बुलंदशहर में पुलिस ने CPR देकर बंदर की जान बचाई बुलंदशहर में पुलिस ने CPR देकर बंदर की जान बचाई
मुकुल शर्मा
  • बुलंदशहर,
  • 30 मई 2024,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के छतारी पुलिस थाने में बंदरों की भरमार है. यहां अकसर बंदर पुलिसकर्मियों और आने वालों को परेशान करते रहते हैं, लेकिन बीती 24 मई को भीषण गर्मी में लू लग जाने की वजह से एक बंदर बेहोश हो गया. थाने के पुलिसकर्मी विकास तोमर की नजर उस मृत समान दिखाई देने वाले बंदर पर गई तो सिपाही ने उसे बचाने के लिए जी तोड़ मेहनत की और सीपीआर देखकर फाइनली उसे बचाने में कामयाब हो गया. 

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बंदर को बचाने के लिए पुलिसकर्मी अपनी जान पर भी खेल गया क्योंकि जहां बंदर बेहोश पड़ा हुआ था, वहां आसपास दर्जनों बंदर मौजूद थे, जोकि अपने साथी की हालत देखकर चीख-चिल्ला रहे थे. बंदर हमला कर सकते हैं, इसकी परवाह किए बिना ही सिपाही ने बेहोशी की हालत में पड़े बंदर की जान बचाई.  

पुलिसकर्मी ने देखा कि बंदर की सांस चल रही है तो उसके हार्ट की पंपिंग की और कमर-सिर पर थपथपाकर घंटों उसका वेटनरी डॉक्टर की तरह पानी पिलाकर इलाज किया तो छोटे बंदर में भी जान पड़ गई. थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी बंदर के इलाज को देखने के लिए आ गए. सिपाही के ही किसी साथी ने बंदर को सीपीआर देने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसकी आसपास के इलाकों में चर्चा हो रही है.  

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बंदर को सीपीआर देने वाले सिपाही विकास तोमर का कहना है कि बेहोशी की हालत में पड़े साथी को देखकर आसपास कई बंदर इकट्ठे हो गए थे. थाने के लोग इस बंदर के पास जाने में डर रहे थे, तब मैंने सभी लोगों को दूर हटाया और प्यार की भावना से जब बंदर की ओर बढ़ा तो सभी बंदर शांत हो गए. मैंने करीब डेढ़-दो घंटे तक बंदर के साथ मेहनत की.   

सिपाही के मुताबिक, लोगों ने बताया था कि शायद बिजली का करंट लगा है, इसलिए यह बेहोश हुआ है तो मैंने इसको पानी नहीं पिलाया, लेकिन जब बाद में इसने हल्की सी झपकी तो इसको पानी पिलाया और धीरे-धीरे सांस आने लगी. फिर मुझे लगा कि इसको लू लगी है या गर्मी की वजह से ये बेहोश हुआ है. बाद में इसमें जब जान आ गई तो डॉक्टर को बुलाकर टीका लगवा दिया और अन्य बंदरों के साथ छोड़ दिया गया. मुझे अच्छा लगा कि मेरे छोटे प्रयास से एक बंदर की जान बच सकी.

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