
यूपी के कानपुर में बीजेपी की एक महिला नेता के पैर में दर्द उठा. परिजन उन्हें लेकर एक प्राइवेट नर्सिंग होम पहुंचे. यहां उनका इलाज शुरू हुआ. इलाज के दौरान महिला को इंजेक्शन लगाया गया. लेकिन कुछ देर बाद मरीज की तबीयत बिगड़ गई. आखिर में उन्होंने दम तोड़ दिया.
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मरीज को गलत इंजेक्शन दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई. परिजनों ने नर्सिंग होम में बवाल काट दिया. उनका आरोप है कि इस दौरान नर्सिंग होम के लोगों ने तीमारदारों से मारपीट भी की. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मामला शांत हुआ.
मृतका की बेटी मुंबई में एक्टिंग करती है. वो परिजनों के साथ मां को अस्पताल ले गई थी. लेकिन मौत के बाद जब उन्होंने विरोध किया तो नर्सिंग होम के स्टाफ ने उनके साथ मारपीट की. सूचना पाकर पुलिस और स्थानीय बीजेपी विधायक भी मौके पर पहुंच गए.
जानिए पूरा मामला
पूरा मामला कानपुर के कल्याणपुर स्थित अर्शिया हॉस्पिटल का है, जहां बुधवार रात पैर दर्द का इलाज कराने बीजेपी की अंतर्राष्ट्रीय महिला सभा की नेता सुनीता शुक्ला पहुंची थीं. उनके साथ उनकी बेटी तृप्ति और रिचा भी थीं. तृप्ति मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिंग करती हैं. सुनीता की बेटियों का कहना है कि मम्मी के पैर में दर्द था, पैर सुन्न हो रहे थे, जिसका इलाज कराने अस्पताल पहुंचे थे. हॉस्पिटल में उस समय कोई डॉक्टर नहीं था. सिर्फ कंपाउंडर और नर्स थे. वही मां को देख रहे थे. कुछ ही देर में वो मम्मी को सीधे आईसीयू में लेकर चले गए. वहां उन्होंने ना जाने कौन सा इंजेक्शन लगाया कि मम्मी की हालत बिगड़ गई और फिर उनकी मौत हो गई.
तृप्ति और रिचा ने कहा कि जब हमने मम्मी की मौत पर सवाल पूछना शुरू किया तो अस्पताल प्रशासन के लोगों ने हमारे साथ मारपीट की. हंगामा होने पर मौके पर पुलिस और बीजेपी के नेता पहुंचे. बीजेपी विधायक नीलिमा कटिहार भी अस्पताल पहुंच गई थीं. पुलिस प्रशासन के बड़े अधिकारी भी पहुंचे हुए थे.
मृतका की बेटियों का आरोप है कि अस्पताल को आईसीयू चलाने की परमिशन नहीं है, इसके बावजूद भी वह आईसीयू चला रहा था. इस मामले में एसीपी अभिषेक पांडे का कहना है कि परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है. वह बॉडी का पोस्टमार्टम भी नहीं करना चाहते हैं. उनसे बात की जा रही है. वह जो तहरीर देंगे, उसी के अनुसार जांच करके कार्रवाई की जाएगी. मामले में सीएमओ ऑफिस को भी सूचना दे दी गई है.