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गाजियाबाद: नाबालिगों को कोड नेम, फिर ब्रेन वॉश... ऑनलाइन गेम के बहाने धर्मांतरण का खेल, चैट से बड़े खुलासे

ऑनलाइन गेम के जरिए नाबालिग जैन लड़के के धर्मांतरण के मामले में कुछ चैट्स सामने आई हैं. नाबालिग और गिरफ्तार आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ नन्नी के साथ ही कुछ अज्ञात लोगो से चैट की जा रही थी. सामने आया है कि शातिर बच्चों का ब्रेन वॉश करने के लिए 2 स्टेप्स अपनाते थे.

पुलिस ने धर्मांतरण केस में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है (फाइल फोटो) पुलिस ने धर्मांतरण केस में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है (फाइल फोटो)
अरविंद ओझा/मयंक गौड़
  • गाजियाबाद,
  • 08 जून 2023,
  • अपडेटेड 7:48 AM IST

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में नाबालिगों के धर्म परिवर्तन का खुलासा हुआ है. जांच के दौरान एक चैट रूम सामने आया है. इसमें जो बातें की जा रही थीं, वह हैरान करने वाली हैं. जानकारी के मुताबिक DISCORD APP पर चैट रूम बनाकर कोड नेम से कई धर्म के नाबालिगों को जोड़ा गया था. वहीं, डिस्कोड एप पर आरोपी शाहनवाज ने claps नाम से अपनी ID बनाई थी. इसी आईडी से वह बच्चों का ब्रेन वॉश किया करता था.

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इस एप पर की जाने वाली चैट का खुलासा हुआ है कि किस तरह से शाहनवाज़ हिंदू बच्चों को बरगलाता था. डिस्कोड एप पर शहनवाज की अच्छी रैंकिंग से आकर्षित होकर नाबालिग लड़के उससे एप पर चैट करते थे, ताकि वो भी अपनी रैंकिंग अच्छी कर सकें. जांच में ये बात सामने आई है कि शातिर बच्चों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए 2 स्टेप्स अपनाते थे.

चैट रूम में क्या सामने आया?

नाबालिग और गिरफ्तार आरोपी अब्दुल रहमान उर्फ नन्नी के साथ ही कुछ अज्ञात लोगों से चैट की जा रही थी. इसमें आरोपी अब्दुल रहमान नमाज पढ़ने और तरावीह के बारे में बताता है. नाबालिग नमाज के लिए मस्जिद में जगह होने के बारे में अब्दुल से पूछता है. फिर अब्दुल उसे नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद आने का मैसेज भेजता है. वहीं दूसरी बार मस्जिद में जगह न होने का जिक्र भी चैट में हो रहा है. जबकि आरोपी शाहनवाज़ हिंदू धर्म के बच्चों को चैट के दौरान इस्लाम धर्म से जुड़ने के फायदे बता रहा है. ये चैट बीते अप्रैल की हैं. जब रमजान का महीना चल रहा था. इससे साफ होता है कि रमजान में नाबालिग लड़का लगातार गिरफ्तार मौलवी के संपर्क में था और मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहा था. ये डिस्कोड एप पर की गई चैट गाज़ियाबाद पुलिस के लिए काफी अहम सबूत है.

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आरोपी नन्नी और नाबालिग के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट

इन चैट्स में कुछ अज्ञात नंबरों पर भी नाबालिग को दुआ पढ़ने और उसके फायदे के बारे में समझाया जा रहा है. इन चैट से साफ है कि किस तरह नाबालिगों को धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाया जा रहा था. 

हालांकि पुलिस ने इस मामले में गाजियाबाद में ही एक मस्जिद के मौलवी अब्दुल रहमान उर्फ नन्नी को गिरफ्तार किया है. इस साजिश का मास्टरमाइंड मुंबई निवासी बद्दो उर्फ शाहनवाज बताया जा रहा है, जो कि अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस ने शाहनवाज की तलाश शुरू कर दी है.

पुलिस के मुताबिक कई लड़कों का धर्म परिवर्तन कराया गया है. इसमें गाजियाबाद का नाबालिग भी शामिल है. पुलिस इन अज्ञात नंबरों से की गई बातचीत के हर पहलू को खंगाल रही है. साथ ही इन नंबरों का इस्तेमाल कर नाबालिगों से बात करने वाले लोगों की जानकारी भी पुलिस जुटा रही है.

इन 2 स्टेप्स से हो रहा था बच्चों का ब्रेन वॉश

हिंदू बच्चों को 2 स्टेप्स में फंसाकर ब्रेन वॉश किया जा रहा था. पहला स्टेप- हिंदू बच्चों को ऑनलाइन गेम फोर्ट नाइट पर घेरा जाता था. हिंदू नामों से मुस्लिम लड़के आईडी बनाते थे. हिंदू बच्चा जब गेम खेलते हुए हारता तब बच्चे को कहा जाता कि वो कुरान की कोई आयत पढ़े तो जीत जाएगा. बच्चा आयत पढ़कर फिर गेम खेलता तो जीत जाता. दरअसल, साजिश के तहत उस बच्चे को जितवा दिया जाता. इस तरह बच्चे का मुस्लिम धर्म की तरफ झुकाव होता. 

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दूसरा स्टेप- इसमें Discord एप के जरिए टारगेटेड बच्चे से चैटिंग की जाती. बच्चे का भरोसा जीता जाता और उनको इस्लामिक रीतियों की जानकारी दी जाती. उसके बाद धीरे-धीरे उसको डॉक्टर जाकिर नाईक और उसके बाद तारिक जमील के वीडियो दिखाए जाते. प्रोत्साहित किया जाता कि वो मुस्लिम बने. बच्चा इस्लाम ज्वॉइन कर लेता तो उसका एफिडेविट बनवा दिया जाता. 

 

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