
सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा कराई गई भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 1036 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यूपी लोक सेवा चयन आयोग के द्वारा 2012 से 2017 के बीच 26394 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया संपन्न हुई थी. इसमें 13469 पदों पर सामान्य, 6966 पदों पर ओबीसी, 5634 पदों पर एससी और 327 पदों पर एसटी वर्ग के युवाओं का चयन हुआ था. वहीं, हमारी सरकार में यूपीपीएससी के माध्यम से 46,675 भर्तियां हुईं और इसमें ओबीसी के कुल 17929 अभ्यर्थी चयनित हुए.
आरक्षण के मुद्दे पर सीएम योगी ने विपक्षी दलों को आईना दिखाते हुए कहा कि आरक्षित वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा सरकारी नौकरियां हमारी सरकार में मिलीं. सपा सरकार में वर्ष 2012 से वर्ष 2017 तक यूपीपीएससी के माध्यम से 26,394 पदों पर भर्ती की गई. तमाम गड़बड़ियां उजागर हुईं और कई पदों पर भर्ती की सीबीआई जांच भी चल रही है.
बकौल सीएम योगी- पूर्व में सरकारी नौकरी में ओबीसी का जो प्रतिशत है, वह केवल 26.38 प्रतिशत था. वहीं, हमारी सरकार में यूपीपीएससी के माध्यम से 46,675 भर्तियां हुईं और इसमें ओबीसी के कुल 17929 अभ्यर्थी चयनित हुए, जिनका प्रतिशत 38.41 है. ओबीसी, एससी और एसटी के प्रतिशत को अगर जोड़ लिया जाए तो डबल इंजन सरकार में 60 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा चयन आयोग के माध्यम से हुआ है.
उन्होंने कहा कि अब बिना किसी सिफारिश और लेन-देन के उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी प्राप्त करना संभव है. विगत साढ़े सात वर्ष से हमारी सरकार आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर रही है.
राहुल गांधी के खटाखट वाले बयान पर योगी का तंज
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान अप्रैल-मई के महीने में आपने खटाखट स्कीम के बारे में सुना होगा. लोगों से एक-एक लाख रुपये के बॉन्ड भरवाए गए थे. हर महीने 8500 रुपये भेजने का वायदा किया गया था, लेकिन खटाखट स्कीम वालों का देश में अता-पता नहीं है. खटाखट वाले लोग चुनाव खत्म होते ही फिर से पिकनिक मनाने के लिए निकल गए हैं. जब चुनाव का मौसम आएगा तो खटाखट वाले लोग समाज को विभाजित करने और अराजकता फैलाने के लिए फिर आ जाएंगे.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट था. प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठवें-सातवें नंबर पर थी, लेकिन अब यहां का युवा देश के किसी भी राज्य में जाता है तो गर्व से खुद को उत्तर प्रदेश का बताता है. प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में दूसरे नंबर पर है. यूपी देश के किसी भी राज्य के तुलना में सबसे अच्छी आर्थिक प्रगति करने वाला राज्य है.
इन पदों पर नियुक्त हुए अभ्यर्थी
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 536 सहायक शोध अधिकारी (सांख्यिकी), 235 सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, 213 कनिष्ठ सहायक, लेखा लिपिक, मंडी पर्यवेक्षक श्रेणी-2, मंडी निरीक्षक, 15 नक्शानवीस/मानचित्रक और 37 मानचित्रकार सहित कुल 1036 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया.
इन युवाओं को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पर्यावरण, वन, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन, मंडी परिषद, मत्स्य विभाग, अर्थ एवं संख्या प्रभाग, सहकारिता विभाग, नगर एवं ग्राम्य नियोजन, पर्यटन विभाग, लघु सिंचाई और संस्थागत वित्त में नियुक्ति मिली है.