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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को लेकर अहम फैसला लिया है. उन्होंने घोषणा की है कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में मांस-मदिरा की बिक्री नहीं होगी. साथ ही कहा, सरकार सनातन परंपरा का सम्मान करती है और इसके लिए संत समाज से गोरक्षा में आगे आने का आग्रह करती है. साथ ही, सरकार सनातन परंपरा के सम्मान के लिए समर्पित है.
दरअसल, महाकुंभ से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अखाड़ों, विभिन्न संत परंपराओं के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों से संवाद किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने संतों के सामने घोषणा करते हुए कहा कि साधु-संतों की समाधि के लिए प्रयागराज में जमीन आरक्षित की जाएगी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को दौरान मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, महाकुंभ में दुनिया सनातन भारतीय संस्कृति से रूबरू होगी. संतों की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा, सरकार उनकी हर आशा, अपेक्षा और जरूरत को पूरा करने का प्रयास करेगी. वहीं, अखाड़ों एवं संत परम्पराओं के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अपनी अपेक्षाओं से अवगत कराया और व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर सुविधाएं बढ़ाने का अनुरोध किया.
प्रयागराज महाकुंभ का LOGO हुआ लॉन्च
वहीं, रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ का लोगो (LOGO) लॉन्च किया है. सीएम ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों संग बैठक कर महाकुंभ की तैयारियों का जायजा भी लिया. इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साधु-संतों के साथ बैठक भी की थी.
13 जनवरी से शुरू होगा प्रयागराज महाकुंभ
बता दें कि प्रयागराज महाकुंभ पर्व 13 जनवरी से 24 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है और विश्व में सबसे बड़े मानव समागमों में से एक है, जो दुनिया भर से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. इससे पहले साल 2013 में प्रयागराज में कुंभ मेले का आयोजन हुआ था. फिर 2019 में प्रयागराज में अर्ध कुंभ आयोजित हुआ और अब 2025 में महाकुंभ का आयोजन होना है.