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'वो ज्ञानवापी, साक्षात विश्वनाथ जी हैं, दुर्भाग्य से दूसरे शब्दों में लोग मस्जिद कहते हैं', CM योगी का बड़ा बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी को लेकर बड़ा दिया है. उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी को दुर्भाग्य से दूसरे शब्दों में लोग मस्जिद कहते हैं, लेकिन वो साक्षात विश्वनाथ जी हैं.

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aajtak.in
  • लखनऊ,
  • 14 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:06 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि लोग आज के समय में ज्ञानवापी को दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं. लेकिन वो ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ जी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान गुरुवार को ज्ञानवापी पर वाराणसी कोर्ट के फैसले के बाद आया है. 

आपको बता दें कि वाराणसी की एक अदालत ने हिंदू पक्ष द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के परिसर में स्थित व्यास जी के तहखाने की मरम्मत करने का आदेश देने का अनुरोध किया गया था.

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यह भी पढ़ें: ज्ञानवापी मामले में 23 जुलाई को SC में होगी सुनवाई, अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने HC के फैसले को दी है चुनौती

वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट परिसर के स्थानीय संरक्षक हैं. सिविल जज सीनियर डिवीजन हितेश अग्रवाल की अदालत ने गुरुवार को तहखाने में चल रही पूजा गतिविधियों को बरकरार रखा और मुस्लिम पक्ष द्वारा उठाई गई आपत्तियों और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित चुनौती को ध्यान में रखा.

हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा कि न्यायालय का फैसला मुस्लिम पक्ष द्वारा व्यास जी के तहखाना में मरम्मत के विरोध और सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही पर आधारित था. ऐसे में फैसले के बावजूद हिंदू पक्ष तहखाने की मरम्मत की अनुमति के लिए जिला न्यायाधीश की अदालत में अपील करने की योजना बना रहा है.

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यादव ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद 31 जनवरी को व्यास जी के तहखाने में पूजा फिर से शुरू हो गई, जिससे भक्तों को स्थापित मूर्तियों के दर्शन करने की अनुमति मिल गई. हालांकि, हिंदू पक्ष ने इसकी पुरानी और कमजोर छत के कारण तहखाने की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की और मरम्मत कार्य के लिए अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की.

उन्होंने तर्क दिया कि मुस्लिम श्रद्धालुओं के छत पर चलने से इमारत गिरने का खतरा हो सकता है, इसलिए उन्होंने मांग की कि छत और खंभों की मरम्मत की जाए.
 

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