
उत्तर प्रदेश के भदोही में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से रेप की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को 20 साल की कठोर सजा और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. भदोही की फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मधु डोगरा ने मगलवार को आरोपी को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत रेप का दोषी ठहराया और 50 हजार रुपये के जुर्माने के साथ सजा सुनाई.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विशेष लोक अभियोजक अश्विनी कुमार मिश्रा (पॉक्सो) ने बताया, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (पॉक्सो) मधु डोगरा ने मंगलवार को सतीश राजभर उर्फ छोटू को 13 वर्षीय मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़की से बलात्कार करने का दोषी ठहराया और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.
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अदालत ने कहा कि जुर्माने से वसूल की गई पूरी राशि मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़की के माता-पिता को दी जानी चाहिए. अगर दोषी द्वारा जुर्माना नहीं चुकाया जाता है, तो उसे अतिरिक्त पांच साल जेल में बिताने होंगे.
पुलिस अधीक्षक मीनाक्षी कात्यायन ने कहा कि मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़की के परिवार को 8 मार्च को जब वह घर पर नहीं मिली, तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की. तब कुछ महिलाओं ने उन्हें बताया कि उन्होंने लड़की को शाम करीब 5 बजे सतीश राजभर के साथ देखा था. तलाश के दौरान बच्ची नग्न अवस्था में खेत में मिली और उसके हाथ-पैरों पर दांतों के घाव थे.
'बच्ची ने इशारों में अपने परिजनों को आपबीती बताई'
पुलिस अधीक्षक मीनाक्षी कात्यायन ने बताया कि बच्ची ने इशारों में अपने परिजनों को आपबीती बताई. उसी रात आरोपी के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया. इसके बाद आज यानी मंगलवार को कोर्ट ने सतीश राजभर उर्फ छोटू को दोषी ठहराया और 20 साल की कठोर सजा और उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.