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डिजिटल अरेस्ट की नई ट्रिक... लड़की से 6 लाख ठगे, साथ ही 5 लाख का लोन भी कराकर ले उड़े

हाल में उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक युवती के साथ साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट की खतरनाक घटना घटी. लड़की से पहले 6 लाख रुपये ठगे गए और फिर 5 लाख रुपये का लोन लेकर उससे ठगी की गई.

सांकेतिक तस्वीर (AI images) सांकेतिक तस्वीर (AI images)
aajtak.in
  • नोएडा,
  • 16 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

बीते दिनों देश में साइबर क्राइम के मामले जिस तेजी से बढ़े उतनी ही तेजी से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी चीज भी सामने आई है. ये एक प्रकार से किसी को मेंटली कंट्रोल करने जैसा होता है और एक फोन कॉल से इसके जाल में फंस चुके लोग इसे भयानक बताते हैं और लाखों रुपये भी गंवा देते हैं.

डिजिटल अरेस्ट में ठगों की नई ट्रिक

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अब इसी डिजिटल अरेस्ट में ठगों ने एक और ट्रिक शुरू कर दी है. इसमें जब किसी के पास पैसा न हो वे उसका लोन कराकर उससे पैसा लूट ले रहे हैं. हैरानी की बात है कि पीड़ित ऐसे जालों में बड़े ही आराम से फंसते दिख रहे हैं. हाल में उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक युवती के साथ ऐसी ही जालसाजी हुई .

20 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट और 11.50 लाख की ठगी

यहां एक लड़की को 20 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 11.50 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. सेक्टर-44 की सोसाइटी की एक लड़की के पास कुछ दिन पहले एक नंबर से कॉल आई. कॉल पर उसे ऑटोमेटेड मैसेज के जरिए बताया गया कि उसके इंटरनेशनल फेडेक्स पार्सल को निरस्त कर दिया गया है. इसके बाद कॉल कस्टमर केयर के अधिकारियों को ट्रांसफर कर दी गई. लड़की को बताया गया कि उसके नाम से जो पार्सल विदेश जा रहा था, उसे मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है.

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'आपके पार्सल में ड्रग्स मिला है'

उसे सीधे इन बातों से डराया गया कि उसे नाम के पार्सल में ड्रग्स समेत अन्य आपत्तिजनक सामान है. जब उसने कहा कि मैंने तो कोई पार्सल भेजा ही नहीं है तो उसकी कॉल कथित मुंबई साइबर क्राइम को ट्रांसफर कर दी गई. यहां भी उससे वही बात कही गई और फिर एक बार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मुंबई बताकर उसकी कॉल ट्रांसफर की गई.

बदनामी की धमकी और वीडियो कॉल

मामला यहीं नहीं थमा, इसके बाद उसे स्काइप पर एक वीडियो कॉल किया गया. कहा गया कि आपकी बात डीजीपी से हो रही है. साथ ही उसे ड्रग पार्सल के नाम पर बदनाम करने की धमकी दी गई. लड़की को वीडियो कॉल पर करीब बीस घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया और कहा गया कि आपके आधार कार्ड का लिंक आठ करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया गया है. अगर बड़े कानूनी केस में फंसने से बचना है तो अपने अकाउंट के सारे पैसे उनके बताए गए खातों में भेज दो. अकाउंट की जांच में अगर आपपर आरोप गलत पाए जाते हैं तो ट्रांसफर की गई रकम रिफंड कर दी जाएगी. 

6.50 लाख लेकर भी नहीं छोड़ा पीछा

घबराकर उसने साढ़े छह लाख रुपये ट्रांसफर कर भी दिए. हैरत कूी बात तो ये है कि जालसाजों ने इतने के बाद भी महिला का पीछा नहीं छोड़ा. ठगों ने उससे जेल जाने से बचने के लिए पांच लाख रुपये और ट्रांसफर करने के लिए कहा. महिला ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं तो ठगों ने पर्सनल लोन लेने के लिए कहा.

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5 लाख लोन लेकर लड़की ने दिए और पैसे

फिर घबराई महिला ने 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन तक लिया और ठगों द्वारा बताए गए खाते में फिर से रकम ट्रांसफर कर दी. इतनी बड़ी ठगी हो जाने के बाद महिला से और पैसा मांगा गया तब जाकर उसे ठगी की आशंका हुई. अब उसने साइबर क्राइम पोर्टल व साइबर थाने में शिकायत की. पुलिस मामले की जांच कर रही है और जिन खातों में रकम गई है, उन खातों के बारे में पता लगा रही है.

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