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अयोध्या: BJP नेता की मौत पर परिवार बोला- बैरिकेडिंग के चलते गंवाई जान, पुलिस ने दावे को बताया गलत

परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि उन्होंने इंस्पेक्टर और पुलिस अधिकारियों से बैरियर खोलने की गुहार लगाई और थाना प्रभारी व एसएसपी को भी फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. करीब एक घंटे 15 मिनट बाद बैरियर खोला गया, लेकिन आगे भी कई बैरिकेड्स होने के कारण गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी. इसके बाद परिवार ने फैसला किया कि वे फैजाबाद के जिला अस्पताल जाएंगे लेकिन तब तक दो घंटे बीत चुके थे और रास्ते में ही डॉ. द्विवेदी का निधन हो गया.

सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Meat AI) सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Meat AI)
aajtak.in
  • लखनऊ,
  • 24 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:06 PM IST

अयोध्या के स्थानीय बीजेपी नेता डॉ. बीडी द्विवेदी का शनिवार को अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में निधन हो गया. परिवार के अनुसार, उन्हें अस्पताल ले जाने के दौरान कई बैरिकेड्स के कारण रास्ते में काफी देर हो गई, जिससे समय पर इलाज न मिलने की वजह से उनकी मृत्यु हो गई. हालांकि, अयोध्या पुलिस ने परिवार के दावे को गलत बताया है.

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'समय पर अस्पताल न पहुंचने की वजह से हुई मेरे पिता की मौत'

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीजेपी नेता के बेटे राहुल द्विवेदी ने कहा, 'हमें बैरिकेड्स पार करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. मेरे पिता की मौत समय पर अस्पताल न पहुंच पाने की वजह से हुई. हमें अस्पताल पहुंचने में दो घंटे लग गए. हम एंबुलेंस बुलाने की स्थिति में भी नहीं थे क्योंकि एंबुलेंस को भी आने में एक से दो घंटे लग रहे थे.'

अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा है कि मेडिकल इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था की जा रही है. परिवार और रिश्तेदारों के अनुसार, 62 वर्षीय डॉ. बीडी द्विवेदी को शनिवार सुबह अचानक सीने में दर्द और असहजता महसूस हुई. उनकी पत्नी, बेटा और ड्राइवर उन्हें स्थानीय श्रीराम अस्पताल ले जाने के लिए निकले. लेकिन देवकाली बैरियर पर उनकी गाड़ी रोक दी गई.

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वहीं, अयोध्या पुलिस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता के परिवार के दावे को गलत बताया है. पुलिस ने एक्स पर लिखा, 'प्रभारी निरीक्षक थाना को0 अयोध्या द्वारा बताया गया है कि मृतक की हालत गम्भीर थी, मृतक की हालत को देखकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी द्वारा तत्काल बैरियर खोलकर उन्हें वहां से जाने दिया गया था, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है. ट्वीट में लिखे गए तथ्य गलत एवं निराधार हैं.

एक घंटे 15 मिनट बाद खोला गया बैरियर

परिवार के सदस्यों ने वहां मौजूद इंस्पेक्टर और पुलिस अधिकारियों से बैरियर खोलने की गुहार लगाई और थाना प्रभारी व एसएसपी को भी फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. करीब एक घंटे 15 मिनट बाद बैरियर खोला गया, लेकिन आगे भी कई बैरिकेड्स होने के कारण गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी. राम पथ के रास्ते होते हुए परिवार उदय चौक तक पहुंचा, लेकिन वहां भी उन्हें रोका गया.

रास्ते में ही तोड़ा दम

इसके बाद परिवार ने फैसला किया कि वे फैजाबाद के जिला अस्पताल जाएंगे लेकिन तब तक दो घंटे बीत चुके थे और रास्ते में ही डॉ. द्विवेदी का निधन हो गया. डॉ. द्विवेदी की मृत्यु को अयोध्या बीजेपी मीडिया प्रभारी दिवाकर सिंह ने 'बेहद दुखद' करार दिया. उन्होंने कहा, 'प्रशासन का पूरा ध्यान सिर्फ बाहरी लोगों पर है. अगर डॉ. द्विवेदी समय पर अस्पताल पहुंच जाते, तो कम से कम परिवार को संतोष होता कि उन्होंने पूरा प्रयास किया.'

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