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यूपी: एटा फर्जी एनकाउंटर मामले में SO समेत 9 दोषी, आज सुनाई जाएगी सजा 

साल 2006 में एटा जिले के सिढ़पुरा थाना क्षेत्र में एनकाउंटर हुआ था. इसमें पुलिस ने पेशे से बढ़ई को बदमाश दिखाकर उसका एनकाउंटर कर दिया था. इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू की थी.

फाइल फोटो फाइल फोटो
मयंक गौड़
  • गाजियाबाद,
  • 21 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने एटा में हुए फर्जी एनकाउंटर के मामले में थानाध्यक्ष समेत 9 लोगों को दोषी करार दिया है. साल 2006 में एटा जिले के सिढ़पुरा थाना क्षेत्र में एनकाउंटर हुआ था. इसमें पुलिस ने पेशे से बढ़ई को बदमाश दिखाकर उसका एनकाउंटर कर दिया था. इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू की थी. सीबीआई  की स्पेशल कोर्ट में आज सजा पर बहस होगी.  

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पुलिस ने बताया था कि पेशे से बढ़ई राजाराम एक डकैत था. इस मामले में राजाराम की पत्नी ने सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि उनके पति राजाराम को पुलिस ने झूठे फर्जी एनकाउंटर में मार दिया है. मामले में मृतक की पत्नी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जून 2007 में मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे, तब से इस मामले में कोर्ट में सीबीआई ने तमाम एकत्रित सबूत पेश किए थे.  

एक आरोपी पुलिसकर्मी की हो चुकी है मौत

इस मामले में CBI ने एक जून 2007 को केस दर्ज किया और जांच करके 22 जून 2009 में 10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की. इसकी सुनवाई गाजियाबाद की CBI अदालत में हुई. CBI अदालत में 4 दिसंबर 2015 को ये केस ट्रायल पर आया. इस फेक एनकाउंटर केस में कुल 202 गवाह अदालत में पेश हुए. सुनवाई के दौरान 10 में से 1 पुलिसकर्मी सब इंस्पेक्टर अजंट सिंह की मृत्यु हो चुकी है. CBI की अदालत ने बीते मंगलवार को शेष जीवित 9 पुलिसकर्मियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया. सजा पर आज यानी बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा. 
 

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