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घास-फूस की झोपड़ी, छत के नाम पर टीन शेड... इन हालात में रहता है बहराइच हिंसा में जान गंवाने वाले राम गोपाल मिश्रा का परिवार

आज तक रामगोपाल मिश्रा के घर के हालात जानने के लिये बहराइच में उस जगह पर पहुंचा, जहां हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल मिश्रा का परिवार रहता है. इस परिवार की झोपड़ी को देखकर साफ पता चलता है कि ये लोग जैसे-तैसे बस अपना गुजर-बसर कर रहे हैं.

बहराइच में रामगोपाल मिश्रा का परिवार इस झोपड़ी में ही रहता है. बहराइच में रामगोपाल मिश्रा का परिवार इस झोपड़ी में ही रहता है.
समर्थ श्रीवास्तव
  • बहराइच,
  • 19 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

चारों तरफ सन्नाटा. गली के अंदर एक घास-फूस की झोपड़ी, जिसकी तीन तरफ की दीवारें लाठी डंडे और झाड़ियों से की मदद से बनाई गई है. झोपड़ी की बाहरी दीवार पर पीछे की तरफ शायद घास-फूस कम पड़ गई, इसलिए उस जगह को साड़ी से ढंका गया है. झोपड़ी की इस दीवार के किनारे एक पुरानी सी साइकिल खड़ी है. यह मंजर है बहराइच हिंसा में अपनी जान गंवाने वाले रामगोपाल मिश्रा के घर का.

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आज तक रामगोपाल मिश्रा के घर के हालात जानने के लिये बहराइच में उस जगह पर पहुंचा, जहां रामगोपाल का परिवार रहता है. इस परिवार की झोपड़ी को देखकर साफ पता चलता है कि ये लोग जैसे-तैसे बस अपना गुजर-बसर कर रहे हैं और धन संपत्ति के नाम पर इनके पास कुछ भी नहीं है. रामगोपाल मिश्रा के परिवार की आर्थिक हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी झोपड़ी में पक्की छत तक नहीं है. छत के नाम पर एक टीन शेड है, जिसे बड़े-बड़े पत्थरों की मदद से झोपड़ी के ऊपर रखा गया है.

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देखें बहराइच से आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट

रामगोपाल के घर के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा

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ग्राउंड पर पुहंचे आज तक ने जब रामगोपाल मिश्रा के परिवार से बातचीत करने की कोशिश की तो पुलिस ने साफतौर पर इससे इनकार कर दिया. पुलिस के अधिकारी बार-बार एक ही बात दोहराते रहे कि रामगोपाल के परिवार के मीडिया से बात करने पर रोक है. आज तक जब वहां पहुंचा तो रामगोपाल मिश्रा के घर को पूरी तरह से पुलिस ने घेर रखा था. उनके पिता पड़ोस में अपने भाई के घर पर बाहरी कमरे में बैठे हुए थे और उनके ठीक बगल में पुलिस अधिकारी बैठे थे ताकि इस बात को निश्चित कर सकें कि कहीं कोई मीडियाकर्मी रामगोपाल के पिता से बात न कर ले.

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दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान छतों से फेंके गए पत्थर

बता दें कि बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल हुये थे. जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई. इस बीच रामगोपाल को एक घर की छत पर गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

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आरोपी के घर सहित गाड़ियों में की गई थी तोड़फोड़

रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज कस्बे में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. हिंसा का ये दौर अगले दिन भी जारी रहा. जिसके चलते जिले में भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी. खुद सीएम योगी ने मामले का संज्ञान लिया. फिलहाल, हालात सामान्य हैं.

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