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वाराणसी: शाम में चेकआउट, सुबह कमरा छोड़ने का बात, फिर फंदे से लटकी मिली परिवार के चार लोगों की लाश

वाराणसी में आंध्र प्रदेश के एक परिवार ने सामूहिक खुदकुशी कर ली है जिससे हर कोई हैरान है. परिवार के चार लोगों ने धर्मशाला के कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी. अब जांच के दौरान सामने आया है कि इन्होंने दुनिया छोड़ने से पहले ही चेकआउट कर लिया था और कहा था कि वो सुबह कमरा खाली कर देंगे.

वाराणसी में आंध्र प्रदेश के 4 लोगों ने की खुदकुशी वाराणसी में आंध्र प्रदेश के 4 लोगों ने की खुदकुशी
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी,
  • 08 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:37 AM IST

यूपी के वाराणसी में एक ही परिवार के चार लोगों ने धर्मशाला में फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. जिसे परिवार के सभी लोगों ने मौत को गले लगाया है, वो आंध्र प्रदेश का रहने वाला था.

शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि खुदकुशी करनेवाला परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था इसलिए उन्होंने अपना घर भी छोड़ दिया था. अब जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि जब इनसे पूछा गया था कि वो धर्मशाला का कमरा कब खाली करेंगे? तो इसके जवाब में परिवार ने कहा था कि 7 दिसंबर की सुबह 7:30 बजे कमरा खाली कर देंगे. हालांकि इन्होंने 6 दिसंबर की शाम को चेकआउट कर लिया था. उसके बाद जब 7 दिसंबर को कर्मचारी कमरे के पास पहुंचे तो पता चला कि पूरे परिवार ने दुनिया को ही अलविदा कह दिया.

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पूरे परिवार ने ऐसे लगाया मौत को गले

बता दें कि मरने वाले सभी लोग आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले में माण्डा पेटा इलाके के रहने वाले थे. मरनेवालों में माता-पिता सहित उनके 2 बेटे शामिल हैं. पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि आंध्र प्रदेश में पैसों के लेनदेन की वजह से परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था और दो महीनों तक भटकने के बाद वाराणसी में उन्होंने आखिरकार मौत को गले लगा लिया.

आजकल ऐसे मामले खूब सामने आ रहा है जहां पूरा परिवार एक साथ सुसाइड कर रहा है. इसे एग्रीमेंट सुसाइड कहते हैं. इसके तहत कुछ लोग या परिवार के सदस्य आपसी सहमति से एक साथ मौत को गले लगा लेते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक जिस परिवार ने आत्महत्या की है वो वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के देवनाथपुर पांडेहवेली इलाके में काशी कैलाश भवन धर्मशाला के कमरा नंबर S-6 में रुके थे. जब परिवार ने शाम तक कमरा नहीं खोला तो धर्मशाला के लोगों को शक हुआ.

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सूचना देने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने धर्मशाला का कमरा खुलवाया तो सभी के होश उड़ गए. चारों लोगों का शव सीलिंग पर लगी खूंटी के सहारे नायलॉन की रस्सी के साथ लटक रहा था. मृतकों की पहचान कोंडा बाबू (50), लावण्या (45), राजेश (25) और जयराज (23) के रूप में हुई. इसमें कोंडा बाबू पति, लावण्या पत्नी और उनके दोनों बेटे राजेश और जयराज थे.

परिवार ने पहले ही कर लिया था चेकआउट

इस घटना को लेकर धर्मशाला के मैनेजिंग ट्रस्टी वीबी सुंदर शास्त्री ने बताया कि ये सभी लोग 3 दिसंबर को सुबह 11:30 बजे वाराणसी आए थे. काशी यात्रा बताकर कमरा लिया था. धर्मशाला में कमरा खाली होने पर परिवार को अलॉट कर दिया गया था जिसके बाद सभी कमरे में रहने लगे.

एक दिन पहले ऑफिस पहुंचकर इन्होंने यह बताया कि 7 दिसंबर की सुबह 7:30 बजे कमरा खाली कर देंगे. लेकिन 6 दिसंबर को ही उन्होंने चेक आउट कर लिया था. जब सुबह कमरे की सफाई के लिए दरवाजा नहीं खुला तो कर्मचारियों को शक हुआ और फिर पुलिस के आने पर जब कमरा खोला गया तो परिवार के चारों लोग फंदे से लटके हुए थे.

सुसाइड नोट में क्या मिला?

पुलिस को तेलुगु भाषा में लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है. सुसाइड नोट को पढ़ने पर यह पता चला है कि परिवार का आंध्र प्रदेश में ही पैसे को लेकर विवाद था, जिसको लेकर यह काफी परेशान थे. सुसाइड नोट में कुछ लोगों पर आरोप भी लगाया गया है. पुलिस उन आरोपों की जांच में जुटी हुई है.

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