
Uttar Pradesh News: फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र में रहने वाली एक वृद्ध महिला का इलाज के दौरान अस्पताल में निधन हो गया. जैसे ही यह खबर उनके भतीजों को मिली, वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और मृतका की उंगलियों के निशान लेने की कोशिश करने लगे. अस्पताल कर्मियों को यह संदिग्ध लगा, जिसके चलते उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. स्थिति बिगड़ती देख भतीजों ने यह प्रयास छोड़ दिया, लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद शव ले जाने की जिद करने लगे.
60 वर्षीय मृतका का नाम मुन्नी देवी है, जो दिवंगत रणवीर सिंह की पत्नी थीं. रणवीर सिंह जेल में सिपाही थे. उनकी कोई संतान नहीं थी. पति रणवीर के निधन के बाद पड़ोस में रहने वाले राकेश पाल मुन्नी देवी की देखभाल करने लगे. मुन्नी देवी भी उन्हें अपने बेटे के समान मानती थीं. दो महीने पहले उन्होंने अपनी संपत्ति की वसीयत राकेश के नाम कर दी थी.
बीते महीने बुजुर्ग मुन्नी देवी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार रात उनकी मृत्यु हो गई. मुन्नी देवी के निधन की जानकारी मिलते ही उनके भतीजे प्रेमपाल सिंह चौहान और धर्मवीर सिंह अस्पताल पहुंचे और मृतका की उंगलियों के निशान लेने की कोशिश करने लगे. वार्ड स्टाफ को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी, जिसके बाद भतीजों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली.
बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जब भतीजों ने शव को अपने साथ ले जाने की इच्छा जाहिर की, तो राकेश पाल ने इसका विरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि जब मुन्नी देवी बीमार थीं, तब कोई उनकी देखभाल के लिए नहीं आया, लेकिन अब संपत्ति का मामला सामने आते ही वे शव के हकदार बनने की कोशिश कर रहे हैं.
इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, लेकिन अंततः पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव भतीजों को सौंप दिया गया. पुलिस ने पुष्टि की कि भतीजों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शव सौंप दिया गया.