
कानपुर चिड़ियाघर (Kanpur Zoo) में बंद आरिफ का सारस मादा (Female) है. मुम्बई लैब से आई रिपोर्ट में सारस के मादा होने का खुलासा हुआ है. अब चिड़ियाघर प्रशासन मादा सारस को मेल सारस के साथ रखकर ब्रीडिंग कराएगा, जिससे इनका परिवार बढ़ सकेगा. साथ ही कहा जा रहा है कि अब मादा सारस को आरिफ के पास नहीं भेजा जाएगा.
पंख भेजा गया था जांच के लिए मुंबई
दरअसल, कानपुर चिड़ियाघर में बंद आरिफ का सारस मेडिकल जांच में फीमेल निकला है. कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन ने मुंबई की एनिमल लाइफ में सारस का लिंग पता करने के लिए उसका एक पंख जांच के लिए भेजा था. लैब में डॉ. रजत ने अपनी टीम के साथ पंख की जांच की थी.
इसमें सारस के मादा होने की पुष्टि हुई. बताया गया कि सारस और गिद्ध ऐसे पंछी हैं, जिन्हें देख कर उनके मादा या नर होने की बात नहीं कही जा सकती है. इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होती है.
मेल सारस के साथ रखा जाएगा
वहीं, चिड़ियाघर प्रशासन की तरफ से जानकारी देते हुए विश्वजीत तोमर ने बताया की सारस की रिपोर्ट के अनुसार वह फीमेल है. ऐसे में हम उसको अब अपने चिड़ियाघर में मेल सारस के साथ एडजस्ट करने की कोशिश करेंगे. उसे मेल सारस के साथ रखा जाएगा. अगर, यह घुल-मिल जाती है तो इनकी ब्रीडिंग कराई जाएगी और सारस का परिवार बढ़ाया जाएगा.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर सारस मेल होता तो शायद उसे खुले में छोड़ा जा सकता था, लेकिन वह फीमेल है तो अब चिड़ियाघर में ही रखा जाएगा. वैसे भी यहां पर एक दो ही मादा सारस ही हैं.
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आरिफ को देख फड़फड़ाने लगा था सारस
बता दें कि, आरिफ का सारस रायबरेली से कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया था. उसके बाद कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन ने सारस को एक सिंगल बाड़े में 15 दिन के लिए क्वारंटीन रखा गया था. 11 अप्रैल को आरिफ सारस को देखने के लिए कानपुर जू पहुंचे थे. जैसे ही आरिफ को सारस ने देखा था वह अपने बाड़े में ही जोरों से फड़फड़ाने लगा था. आरिफ से अधिकारियों से सारस को बाहर निकालने के लिए पूछा तो, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया था. आरिफ के साथ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सारस को देखने के लिए चिड़ियाघर पहुंचे थे.
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आरिफ का कैसे दोस्त बना था सारस?
बता दें कि, अमेठी के जामो विकासखंड के मंडखा गांव निवासी आरिफ सोशल मीडिया पर तब चर्चा में आ गए, जब एक सारस पक्षी के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने लगीं. दोनों की दोस्ती की खूब चर्चा हुई. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी मंडखा जाकर आरिफ और सारस से जाकर मुलाकात की थी.
इस मामले के चर्चा में आने पर प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी डीएन सिंह ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर पक्षी सारस को उसके प्राकृतिक वास समसपुर पक्षी विहार (रायबरेली) में छोड़े जाने की अनुमति मांगी थी.
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इस पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी को सारस को सुरक्षात्मक उपाय के साथ समसपुर पक्षी विहार छोड़ने की अनुमति दी. इसके बाद सारस पक्षी को पशुचिकित्सक, एसडीओ रामवीर मिश्र और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीम ने पक्षी विहार में ले जाकर छोड़ दिया था. लेकिन सारस पक्षी वहां से लापता हो गया था.
दावा किया कि सारस उड़कर नजदीक के बीसैया गांव पहुंच गया था. जहां एक परिवार ने उसको कुत्तों के झुंड से बचाया. इस मामले को लेकर आजतक की टीम समसपुर पक्षी विहार से लेकर 'बीसैया' गांव के गंगादीन के पुरवा तक पहुंची. इसके बाद उस परिवार से खास बातचीत की, जिसने सारस को दाल-चावल, रोटी के साथ मैगी खिलाई थी.
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सारस को भेजा गया था कानपुर
उस परिवार के एक सदस्य ने बताया कि गांव के बाहर कूड़े के पास यह सारस पड़ा था. उसे आवारा कुत्तों ने चारों तरफ से घेर रखा था. हमने पहले से ही आरिफ के दोस्त सारस का वीडियो देखा हुआा था, तो हम उसे पहचान गए. फिर उसे घर लेकर आए और खाना खिलाया.
इसके बाद वन विभाग के टीम को फोन किया. फिर रायबरेली समसपुर पक्षी विहार से अधिकारी आकर सारस को अपने साथ ले गए. रायबरेली के बाद सारस को कानपुर के चिड़ियाघर में पहुंचा दिया गया था. कानपुर के चिड़ियाघर में सारस को 15 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा गया था.
आरिफ को वन विभाग ने भेजा नोटिस
वन विभाग के अधिकारियों ने आरिफ के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और नोटिस जारी किया है. हालांकि, अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को बंद कर देगी और उस पर कोई जुर्माना नहीं लगाएगी, क्योंकि उसने सिर्फ एक घायल पक्षी की मदद की थी.