
यूपी के अमरोहा में इंडियन टीम के क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन शबीना और उनके जीजा गजनवी पर मनरेगा में फ्रॉड करने का आरोप लगा है. आरोप है कि बिना मजदूरी किए ही वो रुपये लेते रहे. हालांकि, बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई लेकिन इस मामले में शमी की बहन की ग्राम प्रधान सास फंस गई हैं. इसकी जांच डीएम ने लोकपाल और डीसी मनरेगा को सौंपी थी. करीब एक हफ्ते बाद आई जांच रिपोर्ट में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को आरोपी मानते हुए एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें तत्कालीन बीडीओ के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही का दावा किया जा रहा है.
फिलहाल, इस पूरे मामले में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन की सास ग्राम प्रधान गुले आयशा के खातों को सीज करते हुए 8 लाख 68 हजार 344 रुपए की रिकवरी करने का नोटिस दिया गया है. शमी के बहन-बहनोई व परिजनों द्वारा मनरेगा में गलत तरीके से मजदूरी लेने का मामला जांच के अंतिम चरण में है. डीएम अमरोहा के निर्देश पर शमी की बहन के परिवार समेत 13 लोगों से सरकारी राशि वसूलने की तैयारी है. तत्कालीन बीडीओ, सचिव, रोजगार सेवक व अन्य की भूमिका की भी जांच हो रही है.
आपको बता दें कि अमरोहा जिले के थाना डिडौली और ब्लॉक जोया के ग्राम पलोला में मनरेगा मजदूरी के घोटाले का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जांच की मांग की थी. उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था जिसकी जांच रिपोर्ट में मोहम्मद शमी की बहन शबीना और उनके पति गजनवी को क्लीन चिट दे दी गई थी, पर शमी की बहन शबीना की सास ग्राम प्रधान गुले आयशा बुरी तरह फंस गई हैं और उनके खिलाफ रिकवरी का नोटिस जारी किया गया है. और तो ओर तत्कालीन अधिकारी, कर्मचारियों समेत ब्लॉक की महिला बीडीओ के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही के लिए शासन को पत्र भेजने का दावा किया जा रहा है. इस पूरे मामले में 4 सचिव और कम्प्यूटर ऑपरेटर समेत सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं.
बकौल डीएम निधि गुप्ता- ग्राम पलोला में मनरेगा के मामले में एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसकी प्रारंभिक जांच कराई गई और एक डिटेल रिपोर्ट लोकपाल और डीसी मनरेगा के माध्यम से प्राप्त की गई. जिसमें शिकायत सही होने की पुष्टि हुई है. जिसके क्रम में जो विभाग के सभी कर्मचारी अधिकारी थे उनको निलंबित करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र दिया है और साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू की जा रही है. क्योंकि, मेन रोल यहां पर ग्राम प्रधान का था तो उनके खातों को सीज कराया गया है और उनको भी एक रिकवरी का नोटिस निर्गत किया गया है. साथ ही पंचायत एक्ट के विभिन्न प्रावधान के अनुसार इनके खिलाफ कार्यवाही कराई जाएगी और उस समय के एक वीडियो का भी नाम प्रकाश में आया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के लिए कमिश्नर रूरल डेवलपमेंट लखनऊ को भी संस्तुति करके पत्र भेजा जा रहा है.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पलौला गांव में शबीना की सास गुले आयशा ग्राम प्रधान हैं. उनके कार्यकाल में ही परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोगों समेत करीब 13 लोगों ने गड़बड़ी कर मनरेगा की मजदूरी हासिल की है, जिसकी जांच में अपना पक्ष रखने के लिए प्रधान पक्ष की ओर से अभी तक कोई सामने नहीं आया है.
मामले में डीसी मनरेगा ने कहा कि जांच की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.