
40 साल से अपराध करते आ रहे मुख्तार अंसारी (59) को अब उम्रकैद की सजा मिली है. वर्षों तक कानून को खिलौना समझने वाले, हर मामले में सजा से बचने वाले मुख्तार अंसारी के लिए अब बाहर निकलने के रास्ते बंद होते जा रहे हैं. जेल से मुख्तारी चलाने वाली कोशिशें नेस्तनाबूत हो चुकी हैं. कारण, 32 साल बाद अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार को उम्रकैद की सजा मिली है. वाराणसी की एमपी एमएलए कोर्ट में उम्रकैद की सजा का ऐलान होते ही मुख्तार बेचैन हो गया और सिर पर हाथ रखकर बैठ गया.
दरअसल, 3 अगस्त 1991 को कांग्रेस नेता अवधेश राय की गोली मारकर हत्या हुई थी. मुख्तार ने कहते है कि खुद को बचाने के लिए इस मामले में केस डायरी तक गायब करा दी थी. लेकिन अब 32 साल बाद फैसला आया तो इंसाफ पूरा हो पाया. मुख्तार अंसारी सजा इसलिए पा रहा है, क्योंकि अब वो कानून से खिलवाड़ नहीं कर पा रहा. ना गवाहों को डरा पा रहा. ना तेजी से होते ट्रायल को रोक पा रहा है.
पूरे परिवार पर कसा शिकंजा
उसका सांसद भाई अफजाल भी सजा पा चुका है और विधायक बेटा अब्बास अंसारी पहले से कासगंज जेल में बंद है. वहीं दूसरे बेटे उमर अंसारी के खिलाफ कानून का शिकंजा कसा हुआ है. साथ ही पत्नी अफसा अंसारी फरार चल रही है. अब मुख्तार अंसारी को सपरिवार कानून से खेलने का मौका नहीं मिल रहा. मुख्तार अब चुनाव भी नहीं लड़ सकता है. वहीं भाई अफजाल अंसारी की संसद की सदस्यता भी रद्द हो चुकी है, क्योंकि उसे चार साल की सजा मिली थी. कैसे मुख्तार की अपराध वाली मुख्तारी अब खत्म हो रही, पूरी कहानी जानिए-
परिवार पर दर्ज हैं 97 केस
बता दें कि मुख्तार अंसारी समेत उसके परिवार पर 97 केस दर्ज हैं. अकेले मुख्तार अंसारी पर हत्या के 8 मुकदमे समेत 61 मामले दर्ज हैं और वह बांदा जेल में बंद है. भाई अफजाल अंसारी पर 7 मामले, भाई सिगबतुल्लाह अंसारी पर 3 केस, मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी पर 11 मुकदमे, बेटे अब्बास अंसारी पर 8 तो छोटे बेटे उमर अंसारी पर 6 केस दर्ज हैं. मुख्तार अंसारी की बहू निखत पर 1 मुकदमा दर्ज है.
मुख्तार को 6 मामलों मिली सजा, 22 विचारधीन
मुख्तार अंसारी जो खुद 4 दशक से अपराध करता रहा, उसे पहली सजा पिछले साल सितंबर में योगीराज में ही सुनाई गई. पिछले सात महीने में 6 मामलों में अब तक मुख्तार अंसारी सजा पा चुका है, क्योंकि सरकार और पुलिस अब गवाहों को डरने नहीं देती और मामलों में तेजी से ट्रायल पूरा हो रहा है. मुख्तार पर दर्ज 61 मुकदमों में अभी 22 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिनमें से 8 मामलों में मुख्तार अंसारी पर आरोप तय हो चुके हैं. बहस गवाही के बाद फैसला आना बाकी है.
3 अगस्त 1991 को हुई थी कांग्रेस नेता की हत्या
मुख्तार को 5 जून को जिस मामले में उम्र कैद की सजा हुई है, वह 1991 का है. वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र के लहुराबीर इलाके के रहने वाले कांग्रेस नेता अवधेश राय 3 अगस्त 1991 को अपने भाई अजय राय के साथ घर के बाहर खड़े थे. इसी बीच वैन से पहुंचे बदमाशों ने अवधेश को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी. वैन सवार बदमाशों ने अवधेश राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अवधेश राय के भाई और पूर्व विधायक अजय राय ने इस घटना को लेकर वाराणसी के चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. अजय राय ने अपने भाई की हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी पर लगाया था. अवधेश राय हत्याकांड में पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह, कमलेश सिंह और राकेश श्रीवास्तव उर्फ राकेश न्यायिक को भी आरोपी बनाया गया था.
2003 में दिल्ली की टाडा कोर्ट ने भी सुनाई थी सजा
अब तक जिन 6 केस में योगी सरकार मुख्तार को सजा की दहलीज तक ले जा पाई,उनमें पांच साल से लेकर दस साल तक की सजा के बाद पहली बार उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. वाराणसी के अवधेश राय हत्याकांड में मुख्तार अंसारी को उम्रकैद की सजा मिली है. इससे पहले गाजीपुर, लखनऊ और वाराणसी के ही 5 मामलों में मुख्तार अंसारी को सजा सुनाई गई थी. 2003 में मुख्तार अंसारी को दिल्ली की टाडा कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई थी.
586 करोड़ की संपत्ति की जा चुकी जब्त
मुख्तार अंसारी गैंग के 288 सदस्यों पर अब तक 155 FIR दर्ज की गई हैं और इनमें से 202 गिरफ्तार भी किया गए हैं. 6 के विरुद्ध NSA की कारवाई की गई है. साथ ही 156 के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है. अब तक मुख्तार अंसारी की 586 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है और 2100 करोड़ से अधिक की आय का अवैध कारोबार बंद किया जा चुका है.
कौन है मुख्तार अंसारी?
मुख्तार अंसारी का जन्म गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में 3 जून 1963 को हुआ था. उसके पिता का नाम सुबहानउल्लाह अंसारी और मां का नाम बेगम राबिया था. गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के परिवार की पहचान एक प्रतिष्ठित राजनीतिक खानदान की है. 17 साल से ज्यादा वक्त से जेल में बंद मुख़्तार अंसारी के दादा डॉक्टर मुख़्तार अहमद अंसारी स्वतंत्रता सेनानी थे. गांधी जी के साथ काम करते हुए वह 1926-27 में कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे. मुख़्तार अंसारी के नाना ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान को 1947 की लड़ाई में शहादत के लिए महावीर चक्र से नवाज़ा गया था. मुख्तार के पिता सुबहानउल्लाह अंसारी गाजीपुर में अपनी साफ सुधरी छवि के साथ राजनीति में सक्रिय रहे थे. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी रिश्ते में मुख़्तार अंसारी के चाचा लगते हैं.