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'गाजी था पाजी, उसकी याद में क्यों मेला लगाना', बोले राजभर, सपा-कांग्रेस को बताया नफरत फैलाने वाला

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बहराइच में लगने वाले जेठ मेले के सवाल पर कहा कि गाजी बहुत पाजी था. महाराज सुहेलदेव से युद्ध हुआ तो सैयद सालार मसूद गाजी जंग छोड़कर भाग गया, फिर मारा भी गया.

नितिन श्रीवास्तव
  • सुल्तानपुर ,
  • 25 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST

यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बहराइच में लगने वाले जेठ मेले के सवाल पर कहा कि गाजी बहुत पाजी था. महाराज सुहेलदेव से युद्ध हुआ तो सैयद सालार मसूद गाजी जंग छोड़कर भाग गया था. फिर भी मारा भी गया था. जो देश लूटने आया था, देश को गुलाम बनाने आया था, उसकी याद में मेला क्यों लगाना है. अगर लगाना ही है तो महाराज सुहेलदेव का मेला लगाओ. 

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दरअसल, राजभर आज सुल्तानपुर पहुंचे थे. यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोदी-योगी द्वारा दिए गए नारे 'सबका साथ, सबका विकास' को लेकर सरकार ने सभी क्षेत्रों में विकास किया. दो, ढाई गुना आधिक प्रगति हुई. 2016-17 से पहले से जो अपराधी छुट्टा सांड जैसे घूमते थे, आज उन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगा है. जो दंगे होते थे, कर्फ्यू लगते थे उस पर विराम लगा है. बिजली, नहर में पानी, सरकारी आवास निर्माण में भी वृद्धि हुई.

कुल मिलाकर लोगों को हर तरफ से लाभ मिला है. एनडीए सरकार ने जो वादा किया, उसे हम लोगों ने पूरा किया है. वहीं, सपा-कांग्रेस वाले नफरत फैलाते हैं. अब बिचौलिए का काम खत्म है. लाभार्थियों के खाते में सीधे धन पहुंच रहा है. 

सपा सांसद द्वारा राणा सांगा पर दिए विवादित बयान पर राजभर ने कहा कि इससे ज्यादा उन्हें अक्ल ही नहीं. वे शिक्षा पर नहीं बोलेंगे. वे सुझाव नहीं देंगे कि सरकार उस पर अमल करे. बस फर्जी बातें करेंगे. 

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अखिलेश पर राजभर का हमला

वहीं, अखिलेश यादव द्वारा बीजेपी के इतिहास न दोहराए जाने के बयान पर राजभर ने कहा कि अब वे बेचारे क्या करें, उनके पास कुछ करने के लिए है नहीं, इसलिए बैठकर फिजूल की बात करते हैं. अखिलेश यादव से राजभर ने सवाल किया कि कोर्ट के आदेश के बाद के अपनी सरकार में आरक्षण क्यों नहीं लागू किया. रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर भी नहीं बोलते. 27 % आरक्षण बांटने पर भी आवाज नहीं उठाते. 

मालूम हो कि संभल के नेजा मेला की तरह सालार मसूद गाजी की याद में बहराइच में भी जेठ लगता है. चूंकि, नेजा मेला पर रोक लग गई है इसलिए अब जेठ मेला पर रोक की मांग की जा रही है. हिंदू संगठन इसपर आपत्ति जता रहे हैं. 

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