
यूपी में दो अधिकारियों की मौत का मामला सुर्खियों में है. जहां अलीगढ़ में पोस्ट ऑफिस के सुपरिटेंडेंट टीपी सिंह (त्रिभुवन प्रसाद सिंह) ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया, वहीं गाजियाबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी आलोक कुमार पंकज का शव रेलवे ट्रैक पर मिला. बताया जा रहा है कि उन्होंने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी. फिलहाल, पुलिस दोनों ही मौत की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है.
सबसे पहले बात करते हैं बुलंदशहर पोस्ट ऑफिस के सुपरिटेंडेंट टीपी सिंह की, जिन्होंने बीते दिन (21 अगस्त) अलीगढ़ स्थित अपने आवास में लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस टीम ने 20 अगस्त की शाम भ्रष्टाचार के आरोप में पोस्ट ऑफिस पर छापेमारी की थी. इस कार्यवाही से टीपी सिंह काफी परेशान थे. SSP के नाम लिखे सुसाइड नोट में उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारी गलत कार्यों के लिए मुझपर दबाव बना रहे थे, तंग कर रहे थे, इसलिए मैं सुसाइड कर रहा हूं. उन्होंने इस नोट में कई सहकर्मियों के नाम भी लिखे हैं और उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है.
बताया जा रहा है कि टीपी सिंह दिसंबर 2021 से बुलंदशहर के पोस्ट ऑफिस (डाकघर) में सुपरिटेंडेंट (अधीक्षक) थे. एक शख्स ने डाक अधीक्षक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी. जिसपर बीते मंगलवार को विजिलेंस टीम जांच के लिए डाकघर आई थी. अधिकारियों से पूछताछ के बाद टीपी सिंह ने अपने अलीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचकर लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली. घटना के वक्त घर में टीपी सिंह के अलावा कोई और नहीं था. उनकी पत्नी शिक्षिका हैं, जो सुबह ही स्कूल के लिए निकल गई थीं.
रेलवे ट्रैक पर ED अधिकारी की लाश
दरअसल, गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर बीती 18 अगस्त को एक सिर कटी लाश मिली थी, जिसका पंचनामा भर कर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया था. सीओ जीआरपी सुदेश कुमार गुप्ता के अनुसार, मृतक की पहचान आलोक कुमार पंकज के रूप में उनके ड्राइविंग लाइसेंस से हुई थी. जिसमें पता दिल्ली का लिखा हुआ था. जीआरपी द्वारा मृतक के परिवार से फोन पर जानकारी ली गई थी, तो परिजनों ने आलोक के घर से बिना बताए जाने की बात कही थी.
जीआरपी के मुताबिक, मृतक का परिवार अभी इस हालत में नहीं है कि उनसे और कुछ पूछा जाए. पारिवारिक स्थिति को देखते हुए जांच को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है. आने वाले समय में पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी, जिसके बाद ईडी अधिकारी आलोक कुमार की सुसाइड मिस्ट्री से पर्दा उठ सकेगा.
गाजियाबाद जीआरपी थाना को आलोक का शव बीती 18 अगस्त को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर गौशाला रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था. शव का सिर और धड़ अलग था. फिलहाल, मामले में जीआरपी द्वारा आगे की अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.
आलोक रंजन गाजियाबाद के रहने वाले थे और नई दिल्ली में ईडी के प्रतिनिधि मंडल के साथ काम कर रहे थे. इससे पहले उन्होंने आयकर विभाग में काम किया था. हाल ही में कथित भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने आलोक कुमार रंजन से दो बार पूछताछ की थी. हालांकि, सबूतों के अभाव में उन्हें छोड़ दिया गया था.