
बरेली-बदायूं मार्ग स्थित रामगंगा नदी पुल (ब्रिज) पर गूगल मैप के सहारे सफर कर रहे कार सवार तीन लोग हादसे का शिकार हो गए. कार के अधूरे पुल से नीचे गिरने के कारण तीनों की मौत हो गई. इस मामले में मृतक कौशल की पत्नी सोनी ने 'आजतक' से बातचीत में पूरी कहानी बताई है. सोनी ने कहा कि मेरे पति और जेठ नोएडा से एक शादी में शामिल होने बरेली जा रहे थे. गूगल मैप के सहारे कार आगे बढ़ रही थी. तभी रामगंगा पुल से गिरकर उनकी मौत हो गई. क्योंकि, पुल आगे बना ही नहीं था जिससे कार करीब 50 फीट नीचे गिर पड़ी.
फर्रूखाबाद निवासी मृतक कौशल की पत्नी सोनी ने रोते हुए कहा कि पति के जाने के बाद हमारा कोई नहीं बचा. सिर्फ एक बच्चा है. ऐसे में हम चाहते हैं कि आजीविका के लिए मदद की जाए. गूगल मैप की लापरवाही और सरकारी अफसरों की लापरवाही से ये हादसा हुआ है.
बकौल सोनी- जब रास्ता नहीं था तो गूगल मैप ने क्यों उन्हें वो रूट दिखाया. अगर मैप सही चीज दिखा देता कि पुल आगे टूटा हुआ है या बना ही नहीं है तो आज पति जिंदा होते. लापरवाही ने उनकी जिंदगी छीन ली. अब मेरा और मेरे बच्चे क्या होगा. आजीविका कैसे चलेगी.
आगे रास्ता नहीं, मैप पर रूट क्लियर
सोनी ने कहा कि गूगल मैप पर रास्ता एकदम क्लियर शो हो रहा था. लेकिन जब पति कार से पुल पर पहुंचे तो आगे रास्ता नहीं था. जब तक ब्रेक लगाते कार पुल से गिर गई. करीब 50 फीट गहराई थी. कार में बैठे लोगों में किसी की जान नहीं बची.
कार में सवार थे इतने लोग
मृतक कौशल की पत्नी सोनी ने कहा कि कार में पति और जेठ के अलावा उनके एक दोस्त बैठे थे. घटना वाले दिन सुबह 10 बजे मालूम पड़ा की हादसा हुआ है. कुछ देर जब परिजन पहुंचे तो बताया कि सब खत्म हो गया है.
सोनी ने कहा कि उसका डेढ़ महीने का एक बच्चा है. मायके व ससुराल से कोई मदद नहीं मिलती. अब आगे की जिंदगी कैसे कटेगी, समझ नहीं आ रहा. मांग है कि सरकारी मदद और एक नौकरी दी जाए.
वहीं, ब्रिज हादसे के दूसरे शिकार मृतक विवेक के पिता ने बताया कि हमारा बेटा गुड़गांव में नौकरी करता था. वो दोस्त संग एक शादी के लिए बरेली जा रहा था. रास्ते के लिए उन्होंने गूगल का सहारा लिया था. जब रामगंगा पुल के निकट पहुंचे तो पुल पर ना तो कोई अवरोधक लगा, ना वार्निंग साइन था. इसलिए उनकी कार पुल पर चढ़ गई, लेकिन आगे जाकर पुल खत्म हो गया. अब हमारी मांग है कि हमारी बहू को कोई रोजगार या नौकरी दी जाए.
जबकि, मैनपुरी निवासी एक अन्य मृतक अमित के परिजनों का कहना है कि घटना के इतने दिन बीतने के बाद भी न तो कोई माननीय और न ही कोई अधिकारी मिलने उनसे पहुंचा. ना ही किसी प्रकार की कोई आर्थिक सहायता प्रदान की गई. अमित के पिता ने कहा कि अगर मेरे बेटे के बच्चों के लिए कुछ नही किया गया तो मैं लखनऊ तक जाऊंगा, मैं भी अपनी जान दे दूंगा. वहीं, अमित की पत्नी इस हादसे के लिए गूगल मैप को जिम्मेदार मानती हैं. उनकी सरकार से मांग है हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए.