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जब गुड्डू मुस्लिम की वजह से कोर्ट परिसर में छुपकर बॉबी ने बचाई थी जान, 26 साल पहले भी हमले का वही स्टाइल

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों में से एक बमबाज गुड्डू मुस्लिम अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है. पूर्व आईपीएस अधिकारी ने बताया कि गुड्डू मुस्लिम ने 26 साल पहले भी इसी स्टाइल में एक कैदी की हत्या की कोशिश की थी. उस वक्त बॉबी ने कोर्ट परिसर में छुपकर जान बचाई थी. इस हमले में एक कॉन्सटेबल की मौत हो गई थी.

गुड्डू मुस्लिम को ढूंढ रही पुलिस गुड्डू मुस्लिम को ढूंढ रही पुलिस
अमित तिवारी
  • प्रयागराज,
  • 01 मई 2023,
  • अपडेटेड 10:51 PM IST

उमेश पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में से एक गुड्डू मुस्लिम अभी भी कानून की गिरफ्त से दूर है. बमबाज गुड्डू मुस्लिम यूपी पुलिस और एसटीएफ के लिए सिर दर्द बना हुआ है और उसे पकड़ने के लिए जांच एजेंसी कई राज्यों की खाक छान रही है.

अब इटावा के रहने वाले गुड्डू मुस्लिम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आज तक को दिए इंटरव्यू में यूपी पुलिस एसटीएफ के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे ने गूड्डू मुस्लिम के गुनाहों की ऐसी कहानी बताई है जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे.

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26 साल पहले भी गुड्डू मुस्लिम ने उमेश पाल की तरह एक और शख्स की हत्या की कोशिश की थी. उमेश पाल की हत्या में गुड्डू ने लगातार झोले से बम निकालकर फेंका था. गुड्डू को चलते-फिरते बम बनाने में महारत हासिल है.

26 साल पहले भी वही स्टाइल

घटना 1997 की है. 30 अप्रैल को सुबह लगभग 11:00 बजे सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंबेडकर चौराहे पर कार सवार बदमाश पहुंचे थे. उसी समय पुलिस अभिरक्षा में विचाराधीन कैदी बॉबी उर्फ प्रवीण को कोर्ट लाया जा रहा था तभी कार सवार लोगों ने बम और गोलियों से उस पर हमला कर दिया. 

कैदी बॉबी उर्फ प्रवीण भागकर पास में ही सत्र न्यायालय परिसर में घुस गया, जिससे उसकी जान बच गई, लेकिन लगातार बमबाजी के कारण दो कॉन्सटेबल बम हमले में घायल हो गए थे. इसमें से एक कॉन्स्टेबल रामजतन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि नंदराम गंभीर रूप से घायल हो गए.

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घायल कॉन्सटेबल नंदराम की ओर से सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी.  उस समय इटावा के एसएसपी अभय शंकर हुआ करते थे. पुलिस की छानबीन में घटनास्थल से 32 बोर की पिस्टल के अलावा 38 बोर के चार कारतूस और एक खाली खोखा बरामद हुआ था. इस हमले में गुड्डू मुस्लिम की भूमिका सामने आई थी.

पूर्व आईपीएस राजेश पांडे के खुलासे के बाद वकील बृजेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि जैसे ही यह घटना हुई थी, इसकी चर्चा हुई और हम लोग तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे.

उन्होंने यह भी कहा कि जिला जेल से विचाराधीन कैदी बॉबी उर्फ प्रवीण पेशी के लिए लाया जा रहा था. तभी अंबेडकर चौराहे पर कुछ कार सवार बदमाशों ने बम और गोलियों से हमला कर कर दिया.

बॉबी भागता हुआ न्यायालय परिसर में घुस गया था जिससे उसकी जान बच गई थी, लेकिन गुड्डू मुस्लिम की बमबारी में एक सिपाही की मृत्यु हो गई थी.

 

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