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हाथरस के कोल्ड स्टोरेज में लगी भीषण आग, 80 घंटे बाद भी धधक रही, करोड़ों का नुकसान

हाथरस जिले में एक कोल्ड स्टोरेज में लगी भीषण आग को 80 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका है. इस आग से अब तक 40 से 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. 

हाथरस में लगी आग का भयावह मंजर हाथरस में लगी आग का भयावह मंजर
राजेश सिंघल
  • हाथरस ,
  • 04 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक कोल्ड स्टोरेज में लगी भीषण आग को 80 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका है. श्री हरि कोल्ड स्टोरेज में किराने का सामान रखने वाले एक चैंबर में लगी आग से अब तक 40 से 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. 

हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र में स्थित इस कोल्ड स्टोरेज के मालिकों के अनुसार, आलू के अलावा, इसमें सूखे मेवे, मसाले और अन्य आवश्यक सामान भी रखा हुआ था. आग लगने की सूचना 1 अप्रैल की रात करीब 2 बजे मिली. कोल्ड स्टोरेज के मालिकों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी और तब से आग बुझाने का काम जारी है. अग्निशमन दल और पड़ोसी जिलों से कर्मियों के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है. 

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अधिकारियों ने बताया कि इन प्रयासों के बावजूद, आग की लपटें भड़कती रहीं और आग पर काबू पाने के प्रयास में कोल्ड स्टोरेज की कई दीवारें तोड़ दी गईं. गुरुवार देर रात को जिला मजिस्ट्रेट राहुल पांडे और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने स्थिति का आकलन करने के लिए कोल्ड स्टोरेज का दौरा किया. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आग बुझाने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. 

अग्निशमन अधिकारी आर के बाजपेयी ने कहा, "हमने आग पर काबू पाने के लिए आस-पास के जिलों से अतिरिक्त मशीनें और कर्मियों को तैनात किया है." उन्होंने आगे कहा कि डीएम ने सभी संबंधित विभागों को स्थिति पर काबू पाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. 

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज के मालिकों में से एक सुनील अग्रवाल ने पुष्टि की कि सुविधा में पांच कक्ष हैं, जिनमें से एक में स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों द्वारा संग्रहीत सूखे मेवे, मिर्च और मसाले रखे गए थे. उन्होंने कहा, "हमारा अनुमान है कि नुकसान लगभग 40 से 50 करोड़ रुपये का है." 

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सुनील अग्रवाल ने कहा कि किसानों और व्यापारियों के आलू अब अन्य भंडारण स्थानों पर ले जाए जा रहे हैं. पुलिस और जिला प्रशासन के साथ-साथ व्यापारी और किसान भी मौके पर जमा हो गए हैं और स्थिति पर उत्सुकता से नजर रख रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि आग बुझने के बाद ही नुकसान की सही सीमा का आकलन किया जा सकेगा. 

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