उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही 18 लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं. हादसे के बाद से ही नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा फरार है. पुलिस बाबा की वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज हाथरस का मुआयना किया. बताया जा रहा है कि पुलिस ने सत्संग के आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है.
हाथरस हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित कर दिया गया है. हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज ब्रजेश कुमार की अध्यक्षता में कमेटी गठित इसकी जांच करेगी. राज्यपाल के निर्देश पर कमेटी गठित की गई है. रिटायर्ड आईएएस हेमंत राव और रिटायर्ड आईपीएस भावेश कुमार आयोग के सदस्य होंगे. बता दें कि आयोग 2 महीने में जांच कर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. जांच में घटना के सारे पहलू शामिल किए जाएंगे, कमेटी का हेडक्वार्टर लखनऊ में रहेगा.
हाथरस भगदड़ मामले में भोले बाबा का पहला बयान सामने आया है. उसके वकील एपी सिंह ने बाबा के हवाले से बताया कि "वह पहले ही सत्संग से चले गए थे." बाबा ने कहा, "मैं 2 जुलाई को गांव फुलारी, सिकंदराराऊ, हाथरस आयोजित सत्संग से काफी समय पहले ही निकल चुका था."
हाथरस पुलिस सहयोगी आयोजकों से पूछताछ कर रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 4 लोगों से पूछताछ चल रही है. मुख्य आयोजक की गिरफ़्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं.
हाथरस में भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई. वहीं कई लोग अब भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं. इस बीच पहली बार घटना को लेकर भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि का बयान सामने आया है. भोले बाबा ने बयान जारी करते हुए घटना को लेकर दुख व्यक्त किया है और दावा किया कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
हाथरस हादसे के बाद बाबा का आगरा में होने वाला कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है. पुलिस ने कहा कि अब नए फॉर्मेट और नई शर्तों के आधार पर इजाजत लेनी होगी.
कांग्रेस नेता अजय राय ने हाथरस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पीड़ितों को ढांढस बंधाया.
सूरजपाल जाटव उर्फ भोले बाबा के मैनपुरी स्थित आश्रम की तस्वीरें सामने आई हैं. ये आश्रम किसी आलीशान बंगले से कम नहीं है. झक्क सफेद बिल्डिंग, एक बड़ा सा स्पेस जो कि चारों तरफ से फूल-पौधों से घिरा है. आश्रम के पीछे वाले हिस्से में पेड़ लगे हुए हैं.
हाथरस हादसे के वक्त एक महिला कांस्टेबल वहां मौजूद थी. सीएम योगी ने कांस्टेबल से भगदड़ की जानकारी ली. (इनपुट- राजेश सिंघल)
सीएम योगी ने कहा,'इस हादसे में 121 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है. यूपी के साथ साथ हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल थे. यूपी के 16 जिलों के लोगों की इस हादसे में मृत्यु हुई है. इस प्रकार के आयोजन में सेवादार प्रशासन को घुसने नहीं देते. सीएम योगी ने बताया कि आगरा जोन के ADG की अध्यक्षता में SIT गठित की गई है. यह जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए. हादसे के कारणों, हादसे के जिम्मेदारों के लिए एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की न्यायिक जांच की जाएगी.'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर कई अहम बातें कहीं. इस दौरान उन्होंने न्यायिक जांच का ऐलान करते हुए कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसलिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज के निर्देशन में एक कमेटी का गठन किया जा रहा है, जो मामले की जांच करेगी.
समाजवादी पार्टी ने हाथरस मामले को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा,'हाथरस मामले में एक बाबा दूसरे बाबा को बचा रहा है. केवल संस्था पर ही आरोप क्यों तय हुए हैं. FIR बाबा पर फिर क्यों नहीं हुई .
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि वह कल घटनास्थल पर गए थे. उन्होंने कहा,'मैं वहां पहुंचने वाला पहला व्यक्ति था. दृश्य भयावह थे. कोई भी अपने परिवार या अपने शवों को नहीं ढूंढ पाया. लोग डरे हुए हैं. मैं घटना के बारे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रिपोर्ट दूंगा.'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंच चुके हैं. सीएम योगी ने हाथरस पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की है.
हाथरस हादसे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजी गई. हादसे की सीबीआई जांच कराने को लेकर भेजी यह याचिका भेजी गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव द्विवेदी ने चीफ जस्टिस के नाम लेटर पिटीशन भेजी. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. CBI से या न्यायिक जांच के साथ स्पेशल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी से जांच कराने की मांग की जा रही है. लेटर में प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, हाथरस कमिश्नर, डीएम, एसएसपी हाथरस और फुलराई विलेज के एसएचओ को पार्टी बनाया गया है. अधिवक्ता गौरव ने प्रयागराज में लगने वाले 2025 महाकुंभ को लेकर भी चिंता जताई है. हाथरस हादसे के बाद महाकुंभ में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है.
यूपी के हाथरस में हुई भगदड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में 5 सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी से सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की निगरानी में जांच कराने की गुहार लगाई गई है. याचिकाकर्ता आज शीघ्र सुनवाई का आग्रह कर सकते हैं. इस घटना पर यूपी सरकार से स्टेटस रिपोर्ट की मांग की गई है. यानी अब तक किए गए उपायों और भविष्य में बरते जाने वाले एहतियातों की जानकारी देने की बात कही गई है.
याचिका में घटना के लिए जिम्मेदार लोगों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने का आदेश देने का आग्रह भी किया गया है. याचिका में ऐसे समारोह के आयोजनों के लिए एक गाइडलाइन बनाने की अपील की गई है.
सुप्रीम कोर्ट के वकील विशाल तिवारी ने दाखिल की है. इस याचिका में 1954 से अब तक धार्मिक आयोजनों में मची भगदड़ और उसमें हताहत हुए लोगों की जानकारी देते हुए 15 बड़ी घटनाओं का हवाला दिया गया है. 1954 के कुंभ मेले मची भगदड़ से ये सूची शुरू है और 2023 में मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में बावड़ी की दीवार धंसने से हुई भगदड़ की घटना तक का जिक्र है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10:40 बजे आगरा एयरपोर्ट पर उतरेंगे. यहां से सीएम योगी हेलिकॉप्टर के जरिये हाथरस पहुंचेंगे. हाथरस पहुंचने के बाद वह उच्च अधिकारियों से मिलकर हालात का जायजा लेंगे. सीएम घायलों से भी मुलाकात कर सकते हैं.
(इनपुट: कुमार अभिषेक)
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जानकारी के मुताबिक मंगलवार को हुए सत्संग में करीब 1 से डेढ़ लाख लोग (भक्त) शामिल हुए थे. करीब 50 से 60 बीघा खेत में पंडाल लगाया गया था. सत्संग खत्म होने के बाद लोग अचानक बाहर की ओर निकले, लेकिन एग्जिट गेट बेहद संकरा था और रास्ते में नाला था. आसपास कीचड़ थी. इसी दौरान भगदड़ मची और लोग एक के ऊपर एक नाले में गिर गए और वहां करीब डेढ़-2 घंटे तक दबे रहे.
बता दें कि भगदड़ मंगलवार दोपहर करीब 3.30 बजे हुई, जब भोले बाबा कार्यक्रम स्थल से निकल रहे थे. जिला मजिस्ट्रेट आशीष कुमार ने बताया कि यह एक निजी समारोह था, जिसके लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट ने अनुमति दी थी. स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल के बाहर सुरक्षा प्रदान की, जबकि आंतरिक व्यवस्था आयोजकों को देखनी थी.
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मुख्य सचिव ने बताया कि मृतकों की संख्या 121 है. जिनमें 108 महिलाएं और 7 बच्चे हैं. हादसे में मरने वाले लोग उस भीड़ का हिस्सा थे, जो धार्मिक उपदेशक देने वाले भोले बाबा के सत्संग के लिए सिकंदराराऊ क्षेत्र के फुलराई गांव में इकट्ठा हुई थी.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हाथरस जा सकते हैं. उनका कहना है कि सरकार इस घटना की तह तक जाएगी और साजिशकर्ताओं और जिम्मेदार लोगों को उचित सजा देगी. राज्य सरकार इस पूरी घटना की जांच कर रही है.
उत्तर प्रदेश के हाथरस में घटनास्थल पर फॉरेंसिक यूनिट और डॉग स्क्वायड मौजूद हैं. यहां कल भगदड़ मच गई थी, जिसमें 116 लोगों की मौत हो गई.
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हाथरस में हुई भगदड़ के बाद घटनास्थल पर पीएसी के तीन कमांडेंट पहुंच चुके हैं. आगरा, एटा, अलीगढ़ से पीएसी कंपनियां हाथरस पहुंचीं हैं. NDRF और SDRF की 2 कंपनियां भी मौके पर हैं. घटना की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात है.
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(इनपुट: हिमांशु मिश्रा)