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अतीक अहमद के करीबी हिस्ट्रीशीटर को एनकाउंटर में लगी गोली, फतेहपुर के जंगल में हुई मुठभेड़

माफिया अतीक अहमद के करीबी हिस्ट्रीशीटर और पुलिस के बीच यूपी के फतेहपुर में मुठभेड़ हो गई. इस दौरान हिस्ट्रीशीटर के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया. पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. घायल हिस्ट्रीशीटर पर 25 हजार रुपये का इनाम था.

मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर को लगी गोली. मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर को लगी गोली.
नीतेश श्रीवास्तव
  • फतेहपुर,
  • 26 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 10:25 AM IST

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में अतीक अहमद के करीबी हिस्ट्रीशीटर और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ के दौरान हिस्ट्रीशीटर के पैर में गोली लगी है. इसके बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर जर्रार अहमद 25 हजार का इनामी था. उसके कब्जे से राइफल व जिंदा कारतूस किया गया है.

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एसपी राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, मुठभेड़ में घायल हिस्ट्रीशीटर जर्रार अहमद और उसके बड़े भाई व उसके पिता का अतीक अहमद के घर आना-जाना था. खखरेरु पुलिस व स्वाट टीम ने जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के कुल्ली गांव के जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान जर्रार अहमद को पकड़ लिया. उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

अतीक अहमद के शार्ट शूटर पर बढ़ा दिया गया है इनाम

यूपी में पूर्व विधायक राजूपाल हत्याकांड में 18 साल से फरार चल रहे आरोपी और अतीक अहमद के शार्प शूटर अब्दुल कवी पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम कर दिया है. कौशांबी के एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कटैया गांव में डॉग स्क्वॉड टीम के साथ सर्च अभियान चलाया गया.

इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर सिंह, सिराथू क्षेत्राधिकारी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह और चायल क्षेत्राधिकारी श्यामकांत के अलावा कई थाने की फोर्स और पीएसी की टुकड़ी शामिल रही. पुलिस ने दर्जन भर घरों में जाकर तलाशी ली. इस दौरान लाइसेंसी राइफल, बंदूक, कारतूस और धारदार हथियार बरामद हुआ. इसके अलावा पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

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पुलिस का कहना है कि सराय अकिल थाना क्षेत्र के भकन्दा का रहने वाला अब्दुल कवी माफिया अतीक अहमद का शार्पशूटर है. वह प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में साल 2005 में राजू पाल हत्याकांड का आरोपी है. सीबीआई की जांच में भी अब्दुल कवी का भी नाम सामने आया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा है.

सीबीआई, एसटीएफ और पुलिस 18 साल से उसकी गिरफ्तारी में लगी हुई है. 24 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस फिर से सक्रिय हो गई. अब्दुल कवी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पहले उस पर 50 हजार का इनाम था, जिसे बढ़ा दिया गया है.

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