
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले सावधान हो जाएं. दरअसल, यहां के डीएम सत्येंद्र कुमार ने आदेश दिया है कि वॉट्सएप या सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक और अश्लील संदेश पोस्ट नहीं करेगा. ऐसा करने पर वॉट्सएप के ग्रुप एडमिन पर कार्यवाही होगी. इसके साथ ही डीएम ने धारा 144 की अधिसूचना जारी कर दी है.
उधर, जिले के कुछ वकीलों ने डीएम के आदेश का विरोध किया है. वकील रणधीर सिंह ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि सोशल मीडिया, वॉट्सएप पर पाबंदी लगाई जाए. डीएम का आदेश अवैधानिक है. डीएम सत्येंद्र कुमार ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम और आने वाले अन्य धार्मिक त्योहार को देखते हुए बाराबंकी जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है.
डीएम की जारी अधिसूचना में कहा गया कि अगर किसी वॉट्सएप ग्रुप पर सांप्रदायिक या अश्लील पोस्ट डाली जाएगी, तो सूचना न देने पर ग्रुप एडमिन पर कानूनी कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाएगा. बाराबंकी डीएम का यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद जिले के कुछ वकीलों ने इसका विरोध करते हुए अवैधानिक आदेश बताया.
अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि डीएम का यह आदेश सीआरपीसी की धारा 144 के नियमों के खिलाफ है. सीआरपीसीसी की धारा में कहीं ये नहीं लिखा है कि वॉट्सएप, सोशल मीडिया ग्रुप पर मैसेज भेजने पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाई जाए. डीएम द्वारा अनावश्यक शक्ति का जो प्रयोग किया जा रहा है, वह गलत है.
डीएम ने धारा 144 में जारी की अधिसूचना
डीएम सत्येंद्र कुमार ने 3 जनवरी 2024 को जिले में धारा 144 लागू होने की अधिसूचना जारी की है. इसके ऑर्डर की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. 3 पन्नों की अधिसूचना में डीएम ने 31 प्वाइंट लिखे हैं. इसके पहले और दूसरे प्वाइंट पर लिखा है कि सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति अपत्तिजनक संदेश, वीडियो, चित्र, ऑडियो मैसेज और अश्लील संदेश प्रकाशित नहीं करेगा.
आगे लिखा है कि वॉट्सएप ग्रुप पर यदि कोई आपत्तिजनक पोस्ट डाली जाती है, तो ग्रुप के एडमिन की जवाबदेही होगी. वह तत्काल उस सांप्रदायिक पोस्ट की जानकारी कंट्रोल रूम नंबर 05248 229916 पर देगा. ऐसा नहीं करने पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए केस दर्ज किया जाएगा. धारा 144 के आदेश की कॉपी सूचना विभाग के सरकारी वॉट्सएप ग्रुप पर 5 जनवरी को पोस्ट की गई. इसके बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.