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कन्नौज हादसे में सभी 28 मजदूर रेस्क्यू किए, 16 घंटे तक चला ऑपरेशन... ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ FIR दर्ज

रेलवे गतिशक्ति निदेशालय के कार्यकारी अभियंता विपुल माथुर की शिकायत पर फर्रुखाबाद जीआरपी थाने में ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 146 और 153, और बीएनएस की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 290 (मानव जीवन को संभावित खतरे से बचाए बिना किसी इमारत को गिराना, उसकी मरम्मत करना या निर्माण करना) के तहत FIR दर्ज की गई.

ये तस्वीर उस जगह की है जहां निर्माणाधीन इमारत गिरने से 28 मजदूर मलबे में दब गए थे (फोटो- पीटीआई) ये तस्वीर उस जगह की है जहां निर्माणाधीन इमारत गिरने से 28 मजदूर मलबे में दब गए थे (फोटो- पीटीआई)
aajtak.in
  • कन्नौज,
  • 13 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:44 AM IST

कन्नौज रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन इमारत के ढहने से मलबे में फंसे सभी 28 मजदूरों को 16 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में ठेकेदार और एक इंजीनियर के खिलाफ लापरवाही और जान जोखिम में डालने के आरोप में FIR दर्ज की गई है.

अधिकारियों ने बताया कि हादसे में किसी भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. 26 मजदूरों को कन्नौज के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल दो मजदूरों को कानपुर के लाल लाजपत राय (एलएलआर) अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है. अस्पताल के सूत्रों ने कहा कि दोनों मजदूर अब खतरे से बाहर हैं. वहीं, कन्नौज के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने घटनास्थल का दौरा कर बचाव अभियान की सफलता पर राहत व्यक्त की.

घटना और एफआईआर की जानकारी

रेलवे गतिशक्ति निदेशालय के कार्यकारी अभियंता विपुल माथुर की शिकायत पर फर्रुखाबाद जीआरपी थाने में ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 146 और 153, और बीएनएस की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 290 (मानव जीवन को संभावित खतरे से बचाए बिना किसी इमारत को गिराना, उसकी मरम्मत करना या निर्माण करना) के तहत FIR दर्ज की गई.

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शिकायत के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब प्रतीक्षालय की छत के लिए कंक्रीट की स्लैब डाली जा रही थी. अचानक शटरिंग भरभराकर गिर गई और मजदूर मलबे में दब गए. रिपोर्ट में निर्माण मानकों की अनदेखी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.

जांच और भविष्य की कार्रवाई

उत्तर पूर्वी रेलवे (एनईआर) ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें मुख्य अभियंता (योजना और डिज़ाइन), अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (इज्जतनगर) और रेलवे सुरक्षा बल के मुख्य सुरक्षा आयुक्त शामिल हैं. रेलवे प्रशासन ने कहा कि इस घटना को लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण प्रक्रियाओं की निगरानी और सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा.

सीसीटीवी फुटेज से खुलासा

घटनास्थल पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एक मजदूर शटरिंग को ठीक करने की कोशिश कर रहा था, तभी छत ढह गई. फुटेज में दिखा कि मजदूर द्वारा ले जाई गई बीम ने शटरिंग को टक्कर मार दी, जिससे वह फिसलकर गिर गई.

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घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान

यह निर्माण कार्य कन्नौज रेलवे स्टेशन के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अटल मिशन फॉर रीजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT) के तहत किया जा रहा था. एनईआर अधिकारियों ने घायल मजदूरों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. मामूली रूप से घायल मजदूरों को 50 हजार रुपये और गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 2.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी.

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