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मां ज्योत जलाकर करती रही इंतजार, घर पहुंची बेटे की लाश; Kannauj Accident में मारे गए डॉक्टर अनिरुद्ध की कहानी

कन्नौज सड़क हादसे के शिकार डॉक्टर अनिरुद्ध ने कुछ महीने पहले ही स्कॉर्पियो खरीदी थी. इसी स्कॉर्पियो से बुधवार तड़के उनका एक्सीडेंट हो गया, जिसमें 5 लोगों की जान चली गई. 

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aajtak.in
  • आगरा ,
  • 28 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

कन्नौज में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वालों में आगरा के कमला नगर निवासी डॉक्टर अनिरुद्ध शर्मा (28) भी शामिल थे. बुधवार सुबह-सुबह जब परिजनों के पास पुलिस का फोन आया कि अनिरुद्ध का एक्सीडेंट हो गया है, तो परिवार में कोहराम मच गया. पिता तत्काल सैफई के लिए रवाना हो गए. इधर, मां घर में दीपक जलाकर बैठ गई और बेटे की सलामती की दुआ मांगने लगी. मगर, शाम को जब बेटे का शव दरवाजे पहुंचा तो वह बिलख पड़ीं. 

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मृतक डॉक्टर की मां को संभालने वाले भी फूट-फूटकर रोने लगे. हर आंख नम थी. किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस अनिरुद्ध की शादी के सपने संजोए जा रहे थे, वो अब इस दुनिया में नहीं है. पिता जिस जवान बेटे के सिर पर सेहरा बांधने का सपना देख रहे थे, उसकी अर्थी उठाते हुए उनके हाथ कांप गए. छोटे भाई ने रोते-बिलखते चिता को मुखाग्नि दी. 

आपको बता दें कि अनिरुद्ध शर्मा सैफई मेडिकल कॉलेज से पीजी कर रहे थे. उनके पिता पवन कुमार भी डॉक्टर रहे हैं. छोटा भाई लखनऊ में रहकर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है. कुछ महीने पहले ही अनिरुद्ध ने स्कॉर्पियो खरीदी थी. इसी स्कॉर्पियो से बुधवार तड़के उनका एक्सीडेंट हो गया, जिसमें 5 लोगों की जान चली गई. 

मृतकों में तीन पीजी डॉक्टर, दो टेक्निकल स्टाफ शामिल थे. वहीं, एकमात्र जिंदा बचे शख्स की हालत गंभीर है. फिलहाल, अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. ये सभी लोग सैफई से लखनऊ एक शादी में शामिल होने गए थे.

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लेकिन लौटते समय सुबह 4 बजे के करीब कन्नौज के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर उनकी गाड़ी डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में पहुंच गई. तभी सामने से आ रहे ट्रक ने स्कॉर्पियो को टक्कर मार दी. ये टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए. मौके पर ही डॉक्टर अनिरुद्ध शर्मा समेत 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं, एक बुरी तरह घायल हो गया. 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, डॉक्टर अनिरुद्ध ने कोरोना काल के दौरान अस्पताल में अपनी सेवाएं दी थीं. वह दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते थे. उन्होंने कई लोगों की जिंदगी बचाई थी. इसके लिए इलाके के लोग उनको काफी मानते थे. जैसे ही डॉक्टर की मौत खबर आई घर पर लोगों का तांता लग गया. 

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