
यूपी के कानपुर (Kanpur) से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक दंपत्ति ने बुजुर्गों को जवान कर देने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली. दंपत्ति ने दावा किया था कि उनके पास इजरायली तकनीक से बनी एक मशीन है, जो 60 साल के बुजुर्ग को 25 साल का दिखा सकती है. इस झांसे में आकर कई लोगों ने लाखों रुपये लगाए, लेकिन न तो कोई मशीन मिली और न ही पैसा वापस हुआ. पुलिस ने मामला दर्ज कर दंपत्ति की तलाश शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, कानपुर के अभिषेक मिश्रा इस ठगी के शिकार हुए. अभिषेक ने बताया कि कपल ने लोगों को एक अनोखी थेरेपी के बारे में बताया, और कहा कि ये इजरायल की तकनीक पर आधारित है. कपल ने दावा किया था कि उनकी मशीन से बुजुर्ग व्यक्ति जवान दिखने लगेगा.
यह मशीन करीब 25 करोड़ रुपये की बताई गई और इसके जरिए 60 दिन की थेरेपी दी जाती, जिससे कोई भी बुजुर्ग 20 से 30 साल पहले जैसा दिखने लगता है. इस थेरेपी को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ा और कई लोगों ने कपल को लाखों रुपये दे दिए.
अभिषेक ने बताया कि कपल ने कहा था कि इस मशीन के लिए लोग लाइन में लगेंगे और नंबर चार साल तक नहीं आएगा. इस पर लगा कि कहीं यह मौका हाथ से न निकल जाए, इसलिए हमने जल्दी पैसा जमा कर दिया. मैंने खुद छह लाख रुपये दिए और अपने रिश्तेदारों को भी इसके बारे में बताया. उन्होंने भी लाखों रुपये थेरेपी के एडवांस में दे दिए.
कपल ने दावा किया था कि यह थेरेपी शुरुआत में सस्ती है, लेकिन जल्द ही इसकी कीमत लाखों रुपये हो जाएगी. लोगों को यह कहा गया कि अभी थेरेपी की कीमत सिर्फ 90,000 रुपये है, लेकिन जल्द ही यह कीमत 2.5 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी. यह सुनकर कई लोगों ने एडवांस बुकिंग कर दी. इसके अलावा लोगों को छोटे डेमो पैकेज भी ऑफर किए गए, जिनमें हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी शामिल थे. इसके तहत लोग केवल 6,000 रुपये देकर इस तकनीक का अनुभव ले सकते थे.
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रेणु सिंह का कहना है कि उनसे 18 लाख रुपये की ठगी हो गई. रेणु ने कहा कि मुझे यह थेरेपी इतनी आकर्षक लगी कि मैंने अपने परिवार के बुजुर्गों के लिए एडवांस में बुकिंग कर दी. मेरे घर में मम्मी, चाची, ताई और मामा सबके लिए मैंने पैसे जमा कर दिए, लेकिन आज तक न मुझे थेरेपी मिली और न ही किसी और को.
धोखाधड़ी का पता कैसे चला?
जब लोग थेरेपी के लिए पहुंचे तो उन्हें एक स्थानीय स्तर पर बनी मशीन दिखाई गई, जो कथित इजरायली मशीन से बिल्कुल अलग थी. लोगों ने जब कपल से इस मशीन के बारे में पूछा और डॉक्यूमेंट्स मांगे तो उन्हें गोलमोल जवाब दिए गए. जब अभिषेक मिश्रा और अन्य लोगों ने मशीन की कीमत के बारे में पूछा तो उन्हें जवाब दिया गया कि यह 25 करोड़ रुपये की मशीन है, लेकिन असल में वह मशीन बेहद सस्ती और नकली निकली.
प्रकाश यादव भी ठगी के शिकार हुए, प्रकाश ने कहा कि जब हमें मशीन दिखाई गई तो वह एक टैंकर की तरह थी, जिसमें कुर्सियां लगी थीं. हमें शक हुआ और हमने सवाल किए, लेकिन कोई सही जवाब नहीं मिला. धीरे-धीरे हमें समझ में आया कि हमें ठगा जा रहा है. जब मशीन के अंदर से पाउडर निकला और एक ब्लास्ट सा हुआ तो हमें लगा कि यह खतरनाक हो सकता है.
ठगी की जानकारी मिलने पर लोग हुए सतर्क
जैसे-जैसे लोगों को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने कपल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तब तक कपल फरार हो गया. इस धोखाधड़ी के शिकार करीब 1200 से अधिक लोग हुए हैं. ठगी की कुल रकम करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है. रेणु सिंह ने कहा कि पैसे वापस करने को कहा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
एक और पीड़ित धर्मेंद्र ने कहा कि मैंने भी एक लाख रुपये लगाए थे और अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को भी इस थेरेपी के बारे में बताया था, लेकिन जब मशीन देखी तो हमें लगा कि यह लोकल मशीन है. यह कोई इजरायली तकनीक नहीं है. इसके बाद पैसे वापस मांगने लगे, लेकिन वे गायब हो गए.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
ठगी के शिकार हुए लोगों ने कपल के खिलाफ शिकायत की है. रेणु सिंह ने कहा कि उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई है, क्योंकि उनके घर पर लोग पैसे मांगने आ रहे थे. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर कपल की तलाश शुरू कर दी है. रेणु सिंह ने कहा कि मेरे घर में बहन की शादी थी और मैंने बहुत बार उनसे पैसे की गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने एक रुपया भी वापस नहीं किया. जब लोग मेरे घर आकर मुझे परेशान करने लगे, तब मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.