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कानपुर में जीजा-साले ने साइबर ठगी के लिए खोल रखा था कॉल सेंटर, ऐसे लगाते थे लोगों को चूना

उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर ठगी करने वाले गैंग का भांडाफोड़ हुआ है. इस गैंग ने बकायदा एक कॉल सेंटर खोल रखा था. यहां से लोगों को फोनकर उनकी क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के नाम पर क्रेडिट कार्ड का डिटेल ले लेते थे और फिर सारा पैसा उड़ा लेते थे.

कानपुर में साइबर ठगी (सोर्स - Meta AI) कानपुर में साइबर ठगी (सोर्स - Meta AI)
रंजय सिंह
  • कानपुर,
  • 11 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

कानपुर में एक जीजा साले ने मिलकर कमाल का गुल खिलाया. दोनों ने एक कॉल सेंटर खोलकर पूरे देश में ठगी का नेटवर्क फैला दिया. इसी दौरान इन लोगों ने 9 जुलाई को गाजियाबाद के रहने वाले गोविंद भारद्वाज को अपने कॉल सेंटर से शिकार बनाया और डेढ़ लाख से ज्यादा की रकम ठग ली. इस तरह इन दोनों काफी दिनों से देश के कई लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे थे.

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 कानपुर पुलिस को इनकी शिकायत मिली थी. इस पर पुलिस की कई टीमें काम भी कर रही थी. जब गाजियाबाद के गोविंदा की शिकायत मिली तो पुलिस ने उस फोन नंबर की पूरी जांच की. तब जाकर पता चला कि कानपुर के काकादेव में एक बिल्डिंग से कॉल सेंटर से चलाया जा रहा है. इसके बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ कॉल सेंटर में छापा मारा.

कॉल सेंटर से दो लड़कियां भी गिरफ्तार
वहां से जीजा अरुण सिंह और उसके साले अभिषेक सिंह का गैंग का खुलासा हुआ. इसमें दो लड़कियां भी पकड़ी गईं. इनमें  विवाह सिंह और शिवांशी शामिल हैं. यह लड़कियां ही कॉल सेंटर से फोन करके लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनती थी. डीसीपी क्राइम ब्रांच आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि यह गैंग बड़े शातिर तरीके से काम करता था.

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क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का देते थे झांसा
लड़कियां पहले लोगों को फोन करके उनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या क्रेडिट कार्ड में पॉइंट रिडीम करने का झांसा देती थीं. फिर उनको अपनी बातचीत में फंसा लेती थीं. फिर उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर ओटीपी ले लेती थी. इसके बाद येलोग कोई दूसरा ऐप डाउनलोड करके उसमें रकम को ट्रांसफर कर लेते थे.

लंबे समय से थे पुलिस के रडार पर
पुलिस का कहना है कि इनके 84 नंबर हमारे रडार पर थे. येलोग पूरे देश के कई जिलों में अपना साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे. इसमें जीजा अरुण पहले दिल्ली में रहकर कॉल सेंटर में काम करता था. वहां भी इसने साइबर ठगी का कार्यक्रम चलाया था. इसमें यह जेल भी गया था. इसके बाद दिल्ली से कानपुर आया तो अपने साले अभिषेक सिंह को भी अपने साथ जोड़कर इसको साइबर ठगी की सीख दी. 

फिर दोनों ने मिलकर कानपुर के काकादेव में एक बिल्डिंग में कॉल सेंटर शुरू किया. वहां दोनों लड़कियों को रखा. इन्हें भी पूरा नेटवर्क समझाकर ठगी का नेटवर्क चला दिया. पुलिस ने यहां से कई कंप्यूटर, लैपटॉप, फोन बरामद की है. कई क्रेडिट कार्ड भी बरामद किए गए हैं.

पुलिस का कहना है इन्होंने अब तक न जाने कितने लोगों को अपने ठगी का शिकार बनाया है. इन सब की जांच की जा रही है. देश के अंदर शहरों में भी जहां मुकदमे कायम है. उनका भी डिटेल लेकर कार्रवाई की जाएगी.येलोग लोगों से पहले लिमिट बढ़ाने के नाम पर उनका क्रेडिट कार्ड डिटेल ले लेते थे. फिर खुद विभिन्न पेमेंट एप डाउनलोड करके उसमें पैसा ट्रांसफर कर लेते थे.

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