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कानपुर कांड: काश सुन ली होती गुहार... पत्नी, बेटों और बकरी समेत DM ऑफिस पहुंचा था पूरा दीक्षित परिवार

13 जनवरी को घर पर बुलडोजर चलने के बाद कृष्णगोपाल दीक्षित अपनी पत्नी, बेटी, दो बेटे और एक बकरी के साथ 14 जनवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे. उन्होंने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी, जिसका वीडियो सामने आया है. डीएम ने मुलाकात नहीं की और पीड़ित परिवार के खिलाफ ही जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर हंगामा करने का मुकदमा दर्ज करा दिया गया था.

कृष्णगोपाल दीक्षित अपनी पत्नी, बेटी, दो बेटे और एक बकरी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे. कृष्णगोपाल दीक्षित अपनी पत्नी, बेटी, दो बेटे और एक बकरी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे.
सूरज सिंह
  • कानपुर देहात,
  • 16 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 2:28 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में बुलडोजर एक्शन के दौरान मां-बेटी की जलकर हुई मौत के मामले में एक नया वीडियो सामने आया है. यह वीडियो 14 जनवरी का है, जब कृष्णगोपाल दीक्षित अपने पूरे परिवार और एक बकरी के साथ जिलाधिकारी दफ्तर पहुंचे थे. 13 जनवरी को पहली बार कृष्णगोपाल के मकान पर बुलडोजर चलाया गया था.

कृष्णगोपाल दीक्षित अपनी पत्नी, बेटी, दो बेटे और एक बकरी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे. उन्होंने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई थी, जिसका वीडियो सामने आया है. दीक्षित परिवार अपना पूरा सामान और जानवर को एक लोडर पर लादकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था, लेकिन जिलाधिकारी ने मुलाकात नहीं की थी.

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नहीं मिली थीं डीएम, दर्ज कराया गया था मुकदमा

डीएम ने मुलाकात नहीं की और पीड़ित परिवार के खिलाफ ही जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर हंगामा करने का मुकदमा दर्ज करा दिया गया था. इस परिवार पर लिखा गया यह पहला मुकदमा नहीं था. इससे पहले भी एक मुकदमा मैथा तहसील प्रशासन ने दर्ज कराया था. बुलडोजर एक्शन से परेशान परिवार डीएम के पास गुहार लगा रहा था.

बताया जा रहा है कि 14 जनवरी को जब पूरा परिवार डीएम दफ्तर पहुंचा था तब जिलाधिकारी ने उनकी एक न सुनी जबकि पीड़ित परिवार कार्यालय पर ही रातभर बैठा रहा. कुछ देर बाद एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद मौके पर पहुंचे. फिर पुलिसकर्मियों को बुलाया गया और सबको थाने ले जाने लगे. इसी दौरान प्रमिला ने कहा था कि मेरे पास कोई घर नहीं है.

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लेखपाल भी दर्ज करा चुका था मुकदमा

13 जनवरी को मड़ौली गांव में जब पीड़ित परिवार का घर बुलडोजर से गिराया गया. तभी लेखपाल अशोक सिंह ने रूरा थाने में पीड़ित परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था. उसके बाद जब पीड़ित परिवार जिलाधिकारी कार्यलय 14 जनवरी की सर्दरात में परिवार के साथ पहुंचा था, तभी भी अकबरपुर तहसीलदार रणविजय ने उन पर मुकदमा दर्ज करवाया था.

13 फरवरी को फिर चला बुलडोजर

इस बीच दीक्षित परिवार न्याय की आस में भटक रहा था और बकरियों के लिए बनाए गए झोपड़ी में रह रहा था. 13 फरवरी को एक बार एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद की अगुवाई में प्रशासन की टीम पहुंची और झोपड़ी पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की गई. इसी दौरान लगी आग में झुलसकर मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि कृष्णगोपाल झुलस गए थे.

ड्राइवर-लेखपाल गिरफ्तार, SDM-SHO सस्पेंड

मां-बेटी की मौत का मामला तूल पकड़ा तो लेखपाल अशोक सिंह और जेसीबी ड्राइवर दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, एसएचओ रूरा दिनेश कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया है. पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जो अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी.

 

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