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कानपुर में कत्ल की ऐसी कहानी.. जिसका पर्दाफाश हुआ तो पुलिस के भी होश उड़ गए. हत्या के आरोपी के कबूलनामे पर कार्रवाई हुई तो जैसे फिल्म दृश्यम के सीन रील से निकल रियल लाइफ में आ गए. किसी क्राइम थ्रिलर की तरह चलने वाली इस कहानी का सस्पेंस 4 महीने तक बना रहा. क्योंकि 24 जून, 2024 कोई घर से जिम गई महिला फिर कभी नहीं लौटी.
झगड़े के बाद जिम ट्रेनर ने की थी हत्या
32 साल की एकता गुप्ता कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम के जिम में आया करती थी. 24 जून को जब वह घर नहीं लौटी तो पति ने जिम ट्रेनर विमल सोनी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जिम ट्रेनर भी उसी दिन से लापता था. पुलिस को आशंका थी कि विमल सोनी ने या तो एकता को अगवा किया है या फिर वो अपनी मर्जी से उसके साथ चली गई है.
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चार महीने बाद यानि कि 26 अक्टूबर, 2024 आरोपी जिम ट्रेनर को पुलिस ने गिरफ्तार किया. विमल सोनी पुलिस की गिरफ्त में आया तो एकता उसके साथ नहीं थी. पुलिस के मुताबिक विमल सोनी ने बताया कि उसने झगड़े के बाद एकता की हत्या कर दी थी और शव को डीएम परिसर के अंदर गड्ढा बना कर दबा चुका है. इस खुलासे पर पुलिस के लिए यकीन करना मुश्किल हो रहा था लेकिन जांच शुरू हुई. फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस के बड़े अधिकारी की मौजूदगी में खुदाई शुरू हुई. रात साढ़े 12 बजे गड्ढे से कंकाल निकला और परिवार ने इसकी शिनाख्त भी कर ली.
कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में कैसे दफनाया गया शव
मामले में श्रवण कुमार, डीसीपी ईस्ट ने कहा कि टीम ने अच्छा काम किया,मुजरिम शातिर था,फरार था. कोई सबूत नहीं छोड़ रहा था तब भी हमने पकड़ा. मामले में मुकदमा 4 महीने पहले दर्ज हुआ था और तब से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर था. पुलिस इस केस को अपनी कामयाबी मान रही है लेकिन परिवार सवाल उठा रहा है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाले इलाके में आकर अपराधी शव लेकर कैसे पहुंच गया.
राहुल गुप्ता, मृतक के पति ने बताया कि शव फिलहाल फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है. शव मिलने के बाद भी अभी कई सवाल बाकी है. क्या आरोपी जिम ट्रेनर ने सबकुछ अकेले किया.. क्या उसके साथ कोई और भी था. जिस इलाके में जज और बड़े अधिकारियों के आवास है.. वहां पहुंच कर शव को ठिकाने लगाने में क्या किसी ने आरोपी की मदद की थी. कानपुर पुलिस के लिए इस फिल्मी कहानी की कई कड़ियों को जोड़ना अभी बाकी है