
प्रयागराज महाकुंभ के साथ ही वाराणसी स्थित बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार में भी महाकुंभ पलट प्रवाह का असर दिख रहा है. महाकुंभ की शुरुआत से अब तक 1 करोड़ 55 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंचे हैं, जिनमें से सिर्फ फरवरी माह में 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. यह संख्या पिछले साल सावन माह के रिकॉर्ड 1 करोड़ 6 लाख श्रद्धालुओं को भी पार कर चुकी है.
नकद चढ़ावा में भी हुआ इजाफा
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विश्व भूषण मिश्रा के अनुसार, महाकुंभ के दौरान अब तक विश्वनाथ मंदिर में 7-8 करोड़ रुपये से ज्यादा का नकद चढ़ावा आया है. इस चढ़ावे का इस्तेमाल न सिर्फ मंदिर के संचालन के लिए, बल्कि समाज के कल्याण के कार्यों में भी किया जाएगा.
इतनी भारी संख्या में श्रद्धालुओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं. सभी पुराने रिकॉर्ड टूट चुके हैं और महाकुंभ पलट प्रवाह के तहत श्रद्धालुओं के लिए मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है. प्रतिदिन 6 से 8 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आ रहे हैं. इस महाकुंभ ने न केवल श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से रिकॉर्ड तोड़ा है, बल्कि चढ़ावे में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है.
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के बनते रिकार्ड और चढ़ावे के बारे में मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ के 13 जनवरी से लेकर 13 फरवरी के बीच विश्वनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालु 1 करोड़ 55 लाख 2 हजार 657 है. अगर सिर्फ फरवरी माह की बात करें तो 1 से लेकर 17 फरवरी की दोपहर तक ही एक करोड़ से ज्यादा दर्शनार्थी आ चुके है. यह अब तक की सबसे संख्या है, जो 2023 सावन के एक करोड़ 6 लाख से ज्यादा का है.