
समाजवादी पार्टी से विधानसभा चुनावों में अलग हुआ महान दल एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के साथ आ गया है. जब सपा से महान दल अलग हुआ था, तब केशव देव मौर्य ने अखिलेश यादव को फॉर्च्यूनर कार भी वापस दे दी थी. आज फिर से समाजवादी पार्टी के साथ केशव देव मौर्य नजर आए. सपा को फिर से समर्थन का ऐलान करते हुए केशव देव मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ था और रहूंगा.
स्वामी प्रसाद मौर्य के जाने के बाद केशव देव मौर्य समाजवादी पार्टी में वापस आ गए हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी से महान दल और केशव प्रसाद मौर्य की कोई नाराजगी नहीं थी. हमने सपा के किसी भी फैसले या अखिलेश यादव की किसी भी नीति पर कभी भी प्रश्नचिह्न नहीं लगाया.
मेरी लड़ाई सिर्फ स्वामी प्रसाद मौर्य या उन जैसे नेताओं से थी, जो समाज के लोगों का वोट तो लेते हैं. बड़े-बड़े पद लेते हैं. मगर, जब समाज के साथ अन्याय होता है, तब भी नहीं बोलते हैं. वो बसपा में थे, तब भी एक शब्द नहीं बोले. कई मामले मैं गिना सकता हूं. भाजपा की पहली सरकार में दर्जनों अन्याय हुए, कई घटनाएं हुईं… देवेंद्रर कुश्वाहा की हत्या हुई. पुलिस ने पीटकर मार दिया. कर्मवीर शाक्य को दबंगों ने चाकू मार दिया. कई दर्जन बलात्कार हुए, लेकिन कोई कार्रवाई भाजपा की सरकार में नहीं हुई.
सपा और अखिलेश यादव से नहीं कोई नाराजगी
हमारी इस विषय पर उनसे लड़ाई है. हमारी कोई पर्सनल लड़ाई नहीं है. केशव मौर्य ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य कुशीनगर से चुनाव लड़ेंगे, तो मैं वहां से चुनाव लडूंगा. अगर स्वामी प्रसाद मौर्य 5 हजार वोट से ऊपर वोट पा जाएं, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा.मेरी पहले फॉर्च्यूनर कार ले ली गई थी, लेकिन उसके बाद मैंने मध्य प्रदेश में अखिलेश यादव के लिए काफी काम किया.
स्वामी प्रसाद मौर्य, ओमप्रकाश राजभर ऐसे लोग हैं, जो धोखेबाज हैं. मैंने स्वामी प्रसाद मौर्य को MLC सीट न देने की बात कही थी. मेरी नाराजगी स्वामी प्रसाद मौर्य से थी, न कि अखिलेश यादव से. अब स्वामी प्रसाद मौर्य सपा का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए हम वापसी कर रहें हैं.
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद तोड़ा था गठबंधन
बताते चलें कि पिछले विधानसभा चुनाव में महान दल ने राज्यसभा और विधान परिषद में हिस्सेदारी नहीं देने पर सपा से गठबंधन तोड़ लिया था. इसके बाद सपा ने केशव देव को विधानसभा चुनाव से पहले दी गई फारर्च्यूनर कार वापस ले ली थी. अभी सीटों की बात नहीं हुई है, लेकिन अखिलेश जी जहां से बोलेंगे, वहां से चुनाव लडूंगा.
स्वामी प्रसाद मौर्य आरएसएस के इशारे पर काम कर रहे हैं. अखिलेश ने जिनको अपना समझा था, उनके पास न तो वोट था, न ही जनाधार. हम आज से विधानसभा चुनाव 2027 तक सपा के साथ रहेंगे. स्वामी प्रसाद मौर्य पर अखिलेश यादव जवाब नहीं देना चाहते हैं. मेरे समाजवादी पार्टी में आने के बाद डर है कि फिर दोबारा पल्लवी पटेल और स्वामी प्रसाद मौर्य नाक रगड़ कर वापस आ जाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ बसपा और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की बात करती है. कुशीनगर से कोई भी लड़े, कम से कम 75 हजार वोट बैंक मैं ट्रांसफर कर दूंगा. स्वामी प्रसाद मौर्य की हिम्मत हो, तो चुनाव लड़ कर देख लें. तीसरा मोर्चा सिर्फ बीजेपी से वोट बैंक को रोकने का काम कर रहे हैं.