
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य द्वारा अखिलेश यादव को गांधी परिवार का दरबारी बताए जाने पर समाजवादी पार्टी ने पलटवार किया है. आजमगढ़ से सांसद और लोकसभा में सपा के चीफ व्हिप धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनका पासवर्ड काम नहीं आ रहा है. वो हमारे मॉनसून ऑफर को भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके पास नंबर ही नहीं हैं.
केशव प्रसाद के बयान को लेकर जब सपा सांसद से पूछा गया तो उन्होंने आजतक से बात करते हुए कहा, "अब उनका पासवर्ड काम नहीं आ रहा है. कुछ न कुछ तो कहेंगे ना, उधर काम नहीं आ रहा है. ना मॉनसून ऑफर स्वीकार कर पा रहे हैं. उनके साथ लोग ही नहीं हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कल सदन में कहा था ना कि जिन लोगों ने हराया, उन्हें भी नहीं हटा पा रहे हैं."
वहीं जातीय जनगणना को लेकर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी ये मांग लगातार जारी रहेगी. नेताजी ने 2010 में इसकी मांग की थी. उस समय बीजेपी के लोग विपक्ष में थे और जातीय जनगणना के पक्ष में दिखाई दे रहे थे. लेकिन जब से 10 साल से सत्ता में हैं, तबसे इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं.
राहुल गांधी पर ऐसी टिप्पणी अशोभनीय: धर्मेंद्र यादव
राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर कहा, "बहुत अशोभनीय है. माफी मांगनी चाहिए. देश के लीडर ऑफ अपोजिशन से इस तरह की बात करना बहुत अफसोसजनक है. केवल अनुराग ठाकुर ने ही नहीं किया और भी लोग कर रहे थे. ललन सिंह भी कर रहे थे."
केशव मौर्य ने अखिलेश को लेकर क्या कहा था?
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश को लेकर कहा था कि वह नेता कम गांधी परिवार के दरबारी ज्यादा लगे. मौर्य ने ट्वीट कर कहा, "कांग्रेस के मोहरा सपा बहादुर अखिलेश यादव जिस तरह राहुल गांधी की जाति पूछने पर उखड़े, उससे वह नेता कम, बल्कि गांधी परिवार के दरबारी ज्यादा लगे." मौर्य ने आगे लिखा कि हम 2027 में 2017 दोहराएंगे यानी कि यूपी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेंगे.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल संसद में विपक्ष लगातार जातीय जनगणना की मांग कर रहा है. इसको लेकर बीजेपी की ओर से हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने नेता विपक्ष राहुल गांधी को टारगेट करते हुए टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि ये देश में जातीय जनगणना की मांग कर रहे हैं, लेकिन इनकी खुद की जाति का पता नहीं है. इसको लेकर विपक्ष की ओर से विरोध किया गया. विपक्ष की ओर से लगातार माफी की मांग की गई. हालांकि राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अनुराग ठाकुर से माफी नहीं चाहिए, लेकिन जातीय जनगणना होकर रहेगी. इसको लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव काफी मुखर नजर आए. उन्होंने गुस्से में संसद में कहा कि वो किसी की जाति नहीं पूछ सकते. इसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ.