
यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में ग्रामीणों ने एक बाघ को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. बाघ दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल से भटक कर गांव में आया था, जहां उसने घर में सो रही एक महिला पर हमला कर दिया था. इस घटना से दहशत में आए परिजनों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा कर लिया. जिसके बाद उन्होंने बाघ को घेर लिया और उसे लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे के आसपास दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल से भटक कर एक बाघ फुलवरिया गांव में आ गया. जिसके बाद ये बाघ रतनलाल के घर के पास पहुंच गया और उसकी पत्नी पर हमला कर दिया. परिवार वालों ने शोर मचाया तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और लाठी डंडों से लैस होकर बाघ को घेर लिया. कुछ ही देर में ग्रामीणों ने उसे पीट-पीटकर जान से मार दिया.
दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर टी. रंगा राजू ने बताया कि सुबह-सुबह क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वारा सूचना दी गई कि एक टाइगर घायल अवस्था में मिला है. उसके बाद हम लोग मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की भीड़ थी. पुलिस भी आ गई थी. ग्रामीणों के गुस्से के चलते टाइगर के शव को उठाने में मशक्कत करनी पड़ी.
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दयाशंकर द्वारा शव का परीक्षण किया गया. टाइगर के सिर में गंभीर चोट थी. फिलहाल, शव को जांच के लिए भेज दिया गया है. वहीं, बाघ के हमले में घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है.
जानवर का पोस्टमार्टम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया और विसरा को विस्तृत विश्लेषण के लिए आईसीएआर-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली भेजा गया है.