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IAS अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद प्रथमेश कुमार बने Invest UP के नए CEO

IAS अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने LDA के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को Invest UP के नए CEO का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. अभिषेक प्रकाश पर भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सस्पेंशन की कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद यह पद खाली था. अब प्रथमेश कुमार के नेतृत्व में Invest UP की जिम्मेदारियां आगे बढ़ेंगी.

प्रथमेश कुमार बने Invest UP के सीईओ. (Photo: Twitter) प्रथमेश कुमार बने Invest UP के सीईओ. (Photo: Twitter)
संतोष शर्मा
  • लखनऊ,
  • 22 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

उत्तर प्रदेश शासन ने आईएएस अभिषेक प्रकाश को निलंबित करने के बाद उनकी संपत्तियों की जांच के आदेश दिए हैं. भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते यह निर्णय लिया गया है. इसी बीच, शासन ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार को इन्वेस्ट यूपी के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है.

आईएएस अभिषेक प्रकाश के निलंबन के बाद इन्वेस्ट यूपी के सीईओ का पद खाली था. शासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को इन्वेस्ट यूपी के सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया. इससे पहले प्रथमेश कुमार इस संस्थान में एसीईओ (अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी) के पद पर कार्यरत थे.

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भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे अभिषेक प्रकाश

निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने SAEL सोलर पावर कंपनी के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बदले 5% कमीशन मांगा था. यह कमीशन सुकांत जैन के माध्यम से मांगा जा रहा था. मामले की शिकायत मुख्य सचिव से की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अभिषेक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया.

यह भी पढ़ें: कौन हैं IAS अभिषेक प्रकाश, जिन्हें योगी सरकार ने किया सस्पेंड? इस केस में हुआ एक्शन, पढ़िए पूरी डिटेल

शासन ने अब अभिषेक प्रकाश की संपत्तियों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की विजिलेंस विंग को जिम्मेदारी दी है. विजिलेंस टीम उनकी बरेली, पीलीभीत, हमीरपुर और लखनऊ में तैनाती के दौरान जुटाई गई संपत्तियों की जांच करेगी. जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कितनी बेनामी संपत्ति अर्जित की है.

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सह-आरोपी सुकांत जैन गिरफ्तार

इस पूरे मामले में प्रमुख आरोपी सुकांत जैन के खिलाफ भी भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. गोमती नगर थाने में दर्ज मामले के आधार पर सुकांत जैन को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी जांच कर रही है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश में नौकरशाही में हड़कंप मचा हुआ है.

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