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Gay App से दोस्ती, फिर समलैंगिक संबंध...पैसों को लेकर हुआ विवाद तो हेड कांस्टेबल ने कर दी हत्या

उत्तर प्रदेश में सात महीने पहले कौशिक नामक एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच कर रही थी. वहीं, पुलिस ने अब हत्या की वजह से खुलासा कर दिया है.

लखनऊ में हुए गे की हत्या का हुआ खुलासा लखनऊ में हुए गे की हत्या का हुआ खुलासा
सत्यम मिश्रा
  • लखनऊ,
  • 31 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 8:19 AM IST

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में समलैंगिक व्यक्ति की हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसके साथ समलैंगिक संबंध बनाने वाला ट्रैफिक पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल निकला. इस पूरे मामले का लखनऊ पुलिस ने 7 महीने की जांच में खुलासा कर दिया है. पुलिस ने बताया कि दोनों की मुलाकात गे ऐप (Gay App) ग्राइंडर के जरिए हुई थी.

परिजनों न चार दोस्तों और महिला मित्र पर लगाया था हत्या का आरोप

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पुलिस ने बताया कि मृतक कौशिक के परिजनों ने हत्या का आरोप उसके चार दोस्तों और एक महिला मित्र पर लगाया था. लेकिन पुलिस ने जांच की तो मामला कुछ और ही निकला. इस मामले में डीसीपी ईस्ट शशांक सिंह ने मीडिया को बताया कि ट्रैफिक पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल रविंद्र पाल और मृतक की मुलाकात गे ग्राइंडर एप के माध्यम से हुई थी.

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दोनों इसी एप के जरिए संपर्क में आए थे फिर दोनों एक रूम में आपस में मिले थे. लेकिन पैसे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और फिर ट्रैफिक सिपाही रविंद्र पाल ने मृतक को भरोसे में लेकर शराब में जहर देकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद घने कोहरे और अंधेरे की आड़ में रात में शव को रेलवे पटरी के किनारे फेंक दिया.

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कॉल डिटेल्स और WhatsApp चैट से खुला राज

डीसीपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण की पुष्टि नहीं हो पाई थी. जिसके बाद विसरा की जांच में पता चली की कौशिक की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी. इसके बाद मृतक के मोबाइल की लोकेशन,सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल भी खंगाली गई.जिसमें एक नंबर संदिग्ध मिला. इसी नंबर पर कौशिक की WhatsApp पर चैट हुई थी. जांच पड़ताल में पता चला कि यह नंबर ट्रैफिक पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल रविंद्र पाल सिंह का है.

जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए कई बार कैंट थाना बुलाया गया लेकिन वह नहीं आया. इसके बाद उसे नोटिस जारी करनी पड़ी. जिसके बाद वह पूछताछ के लिए आया.पूछताछ में रविंद्र पाल ने किसी भी सवाल का सही से जवाब नहीं दे पाया और गोलमोल बातें करने लगा. जब मोबाइल चेक किया गया तो युवक से हुई उसकी चैटिंग डिलीट थी फिर पुलिस का शक और गहराता चला गया. जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरा सच उगल दिया. जिसके बाद रविंद्र पाल को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर जले भेज दिया गया.

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