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MahaKumbh की पूर्णाहुति... MahaShivratri पर काशी विश्वनाथ में अखाड़ों की पूजा, महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी ने PM मोदी-CM योगी को दिया धन्यवाद

महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकुंभ का समापन हो रहा है. ऐसे में महाकुंभ की पूर्णाहुति से पहले तमाम साधु-संत वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं. इसमें जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज आदि शामिल हैं. 

Swami Avdheshanand Giri (Photo/PTI) Swami Avdheshanand Giri (Photo/PTI)
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी ,
  • 26 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

आज यानी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकुंभ का समापन हो रहा है. ऐसे में महाकुंभ की पूर्णाहुति से पहले तमाम साधु-संत वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं. इसमें जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज आदि शामिल हैं. 

काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा- "कुंभ में भारत की लगभग आधी आबादी पहुंची. सभी जातियों, धर्मों और मतों के लोग यहां एक साथ आए. दुनिया ने हमारी एकता देखी... दुनिया ने हमारी सभ्यता और संस्कृति की झलक देखी... भारत की आधी आबादी ने यहां कुंभ में विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की... कुंभ का आज समापन हो रहा है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस भव्य आयोजन के लिए धन्यवाद देता हूं और बधाई देता हूं."

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इसके साथ ही जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर ने कहा कि आज हमने कुंभ की संपन्नता पूर्णता सिद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की है. आज कुम्भ संपन्न हो गया है. करोड़ों भारतीय एक साथ दर्शन, पूजन, स्नान कर रहे हैं. अलग-अलग पंत और संप्रदायों के बावजूद हम सभी प्राणी एक हैं. सारा संसार चकित है हमारी एकता, हमारा संयम, हमारा अनुशासन देखकर. पूरा देश कुंभ के रस में डूबा हुआ दिखा. 

बकौल अवधेशानंद- मैं स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत और हरित भारत और समृद्ध भारत की प्रार्थना करके आया हूं. बाबा विश्वनाथ का अभिषेक भी किया है और प्रार्थना की है कि मेरा देश पूरे संसार का नेतृत्व करे. मेरा देश योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिक विचारों के साथ विश्व में शांति स्थापित करे. विश्व में शांति केवल आध्यात्मिक विचारों के साथ ही आएगी और विश्व बंधु की भावना के साथ ही आएगी. इसी  भावना के साथ हमने आज कुंभ की संपन्नता की. 

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वहीं, महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा "शिवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर, सभी पांच अखाड़ों ने महादेव की पूजा-अर्चना की और महाकुंभ की 'पूर्णाहुति' के लिए 'अभिषेक' किया. हमने सबकी मंगल की कामना की है."

मालूम हो कि महाकुंभ के दौरान अखाड़ों के साधु-संत काशी आते हैं और वहां बाबा विश्वनाथ की पूजा करते हैं. काशी में आने वाले अखाड़ों के साधु-संत बाबा विश्वनाथ की अंतरग्रही पंचकोसी परिक्रमा करते हैं. फिर महाशिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ का अभिषेक और दर्शन करते हैं. काशी आने वाले अखाड़ों के साधु-संतों द्वारा पूजा-पाठ और हवन किया जाता है, कथा आदि भी सुनाई जाती है. 

काशी में भीड़

गौरतलब हो कि महाशिवरात्रि के चलते इस वक्त काशी में भारी उमड़ी है. काशी आने वाले रास्ते, चौराहों पर भारी जाम है. पुलिस-प्रशासन लोगों को संभालने में जुटा हुआ है. लाखों लोग भोले बाबा के दर्शन-पूजन के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं का तांता लगा है. 

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