
महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने आम लोगों से जानकारी मांगी है. कोई भी व्यक्ति आयोग के दफ्तर में 10 दिन में अपना बयान दर्ज करा सकता है. मेल आईडी पर भी जानकारी दी जा सकती है. इसके लिए आयोग ने फोन नंबर 0522-2613568 और मेल आईडी mahakumbhcommission@gmail.com जारी किया है.
आपको बता दें कि न्यायिक आयोग ने लखनऊ के हजरतगंज में स्थित जनपथ मार्केट के विकास भवन में दफ्तर बनाया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस हर्ष कुमार की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्य आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है. 1 महीने में जांच आयोग को सरकार को अपनी रिपोर्ट देनी है.
न्यायिक जांच आयोग ने सभी लोगों से अनुरोध किया है कि यदि वे इस घटना के बारे में कोई सटीक जानकारी रखते हैं तो वे निडर होकर आयोग से संपर्क करें. इस जानकारी के आधार पर हादसे की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा दिलाई जा सकेगी.
दरअसल, महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर देश के अलग-अलग राज्यों से करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचे थे. मगर होनी को कुछ और मंजूर था. मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात 1 से 2 बजे के बीच संगम नोज के पास भगदड़ मच गई. सरकारी आंकड़े के अनुसार, इस भगदड़ के चलते 30 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी और 60 अन्य घायल हो गए थे.
कुंभ मेला पुलिस के मुताबिक, घाटों पर लगाए गए बैरिकेड्स टूट गए, जिससे लोग अनजाने में जमीन पर सो रहे श्रद्धालुओं को रौंदने लगे. घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ की न्यायालय-निरीक्षित जांच के आदेश दिए और मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 25 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की.