
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की स्थानीय अदालत ने बुधवार को 2018 के दहेज हत्या के मामले में एक व्यक्ति और उसके माता-पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अभियोजक राकेश गुप्ता ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने सत्येंद्र, उसके पिता उपदेश चौहान और मां मीना देवी को दोषी ठहराया और उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया.
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3 अक्टूबर, 2018 को पीड़िता निशा के भाई स्वतंत्र प्रताप सिंह की शिकायत पर कुर्रा पुलिस स्टेशन में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि 23 नवंबर 2017 को उनकी बहन की शादी के बाद से ही उसका पति सतेंद्र और उसके माता-पिता उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे और एक एसयूवी और 2 लाख रुपए नकद की मांग करते रहे.
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इसके बाद 1 अक्टूबर 2018 को उन्होंने निशा पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया. जिससे जलकर उसकी मौत हो गई. पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में हत्या का आरोप पत्र दाखिल किया था. जिसके बाद सतेंद्र और उसके माता-पिता को आजीवन करावास की सजा सुनाई गई है.
आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब अदालत की तरफ से दहेज हत्या के दोषियों की उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इससे पहले भी कोर्ट इस तरह की सजा सुना चुकी हैं.