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बिहार में हुई 'हत्या' झांसी में 'जिंदा' मिला! जिस नथनी पाल के मर्डर केस में भाई जेल गए, वो 17 साल बाद...

17 साल पहले एक शख्स की 'हत्या' हुई, मामले में 4 लोग जेल गए, इनमें से एक आरोपी की मौत हो गई...लेकिन अब खुलासा हुआ है कि जिस नथनी पाल की हत्या के मामले में आरोपी जेल भेजे गए, वह नथनी पाल जिंदा है और झांसी में रह रहा है.

झांसी पुलिस की गिरफ्त में आया बिहार का नथनी पाल झांसी पुलिस की गिरफ्त में आया बिहार का नथनी पाल
प्रमोद कुमार गौतम
  • झांसी ,
  • 08 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST

17 साल पहले एक शख्स की 'हत्या' हुई, मामले में 4 लोग जेल गए, इनमें से एक आरोपी की मौत हो गई...लेकिन अब खुलासा हुआ है कि जिस नथनी पाल की हत्या के मामले में आरोपी जेल गए, वह जिंदा है और झांसी में रह रहा है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूरे कांड का पर्दाफाश कर दिया है. आइए जानते हैं पूरी कहानी... 

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दरअसल, बीते दिनों यूपी के झांसी में पुलिस ने गश्त के दौरान एक ऐसे शख्स को खोज निकाला जिसकी बिहार पुलिस रिकार्ड में हत्या हो चुकी है, वह भी 17 साल पहले. इतना ही नहीं उसकी हत्या के आरोप में चार लोग जेल भी जा चुके है, जिनमें एक की मौत हो चुकी और तीन लोग अभी जमानत पर बाहर चल रहे हैं. 

नथनी पाल के जिंदा होने की जानकारी होने पर आरोपी झांसी पहुंचे और उन्होंने पुलिस को धन्यवाद दिया. उनका कहना है कि पुलिस ने उनको जेल में सड़ने से बचा लिया. फिलहाल, झांसी पुलिस ने बिहार पुलिस को बुलाकर नथनी पाल को उनके सुपुर्द कर दिया है. 

आपको बता दें कि झांसी की बरुआसागर थाना पुलिस रोज की तरह 06 जनवरी की शाम को अपने क्षेत्र में गश्त कर रही थी. तभी ग्राम धवारा भरौंल में एक संदिग्ध शख्स नजर आया. शक होने पर उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि वह करीब 6 महीने से झांसी में रह रहा है. ऐसे में उसे पकड़कर थाने लाया गया, जहां पता चला कि उसका नाम नथनी पाल है और वह रोहतास जिला, बिहार का रहने वाला है. उसकी उम्र करीब 50 वर्ष है.  

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झांसी पुलिस के मुताबिक, नथनी पाल ने बताया कि जब वह अपने गांव में था तभी उसके माता-पिता की मौत गई थी. शादी के कई साल बाद भी बच्चे पैदा ना होने के कारण पत्नी भी छोड़कर चली गई थी. इसके बाद वह चचेरे भाईयों के पास जाकर रहने लगा था. उसके पास करीब ढाई बीघा जमीन थी. वर्ष 2008 में वह गांव छोड़कर निकल गया, फिर कभी वापस नहीं गया. भटकते-भटकते 6 महीने पहले यहां आ गया.

उधर, नथनी पाल की अपहरण के बाद हत्या के आरोप में जेल जा चुके चचेरे भाई सतेंद्र पाल ने जब अपना दर्द सुनाया तो उसकी आंसू छलक पड़े. सतेंद्र बताते हैं कि नथनी जब लापता हुआ तो मामा ने उसके व उसके पिता और भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था. मामले में चारों जेल चले गए थे. 8-8 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए. इसी बीच पिता की मौत हो गई. 

बकौल नथनी के भाई- हम लोग दिन रात यही सोचते थे कि जिस गुनाह को हमने किया नहीं फिर क्यों उसकी सजा काट रहे हैं. अब जब पता चला कि नथनी पाल जिंदा है और झांसी में है तो हम सब बिहार पुलिस के साथ यहां आ गए. नथनी के जिंदा मिलने के बाद अब हमारे सिर से हत्या का कलंक मिट जाएगा. 

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