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मथुरा में 44 साल के शख्स को फांसी की सजा, नाबालिग बच्चे की कुकर्म के बाद कर दी थी हत्या

मथुरा में नौ साल के बच्चे से कुकर्म के बाद उसकी हत्या के मामले में अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई गई. यह फैसला विशेष पॉक्सो एक्ट की अदालत ने सुनाया. सजा मिलने के बाद दोषी कोर्ट में ही फूट-फूटकर रोने लगा. कोर्ट ने मृत्युदंड के साथ ही 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

मथुरा में शख्स को फांसी की सजा मथुरा में शख्स को फांसी की सजा
मदन गोपाल शर्मा
  • मथुरा,
  • 16 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

मथुरा में एडीजे-3 विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामकिशोर की अदालत ने एक दोषी को फांसी की सजा सुनाई. उस पर एक नौ साल के बच्चे के साथ कुकर्म करने के बाद उसकी हत्या कर देने का आरोप था. आरोपी ने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को पेड़ से लटका दिया था. 

वारदात 21 जून 2022 की शाम हुई थी. कोसीकलां के एक गांव में  खाली पड़े मकान के अहाते में लगे पेड़ पर गांव के ही नौ साल के लड़के का शव लटका हुआ मिला था. लड़का अक्सर उस अहाते में अपने गांव के दोस्तों के साथ खेलने जाता था. परिवार वालों ने पुरानी रंजिश के चलते गांव की ही एक महिला सहित आठ लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. 

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दो साल पहले दिया था घटना को अंजाम
22 जून 2022 को जब बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो उसमें कुकर्म और उसकी गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई. इस पर पुलिस का माथा ठनका. पुलिस ने गहनता से क्राइम सीन की पड़ताल की तो वहां इस्तेमाल किए कंडोम मिले. पुलिस ने उनको संरक्षित कर एफएसएल जांच के लिए भेज दिया.

एक खंडहर में पेड़ से लटकती मिली थी बच्चे की लाश
आगरा जोन के इंस्पेक्टर अनुज राणा उस वक्त कोसीकलां थाने के प्रभारी थे. उन्होंने जिस व्यक्ति का वह खंडहर मकान था. उसकी पड़ताल की. जांच में पता चला कि मकान का मालिक मेवात में रहता था. मगर, उसका एक भाई उसी गांव में रहता था. उसकी उम्र 42 साल थी और उसका नाम दर्याव था. वही उस खंडहरनुमा मकान की देखरेख करता था. पुलिस को गांव के बच्चों से पता लगा कि कभी-कभी दर्याव  भी बच्चों के साथ खेलने आ जाता था.

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सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
पुलिस ने दर्याव से पूछताछ की तो शुरुआत में उसने बताया कि वह सब्जी विक्रेता है और घटना वाले दिन वह सब्जी बेचने गया था.  पुलिस ने उसके बताए जगह, जहां वह सब्जी बेचता था, वहां जाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाला. वारदात वाले दिन सब्जी बेचने वाली जगह पर दर्याव की मौजूदगी नहीं दिखी. 

घटनास्थल पर मिले थे कंडोम
फिर पुलिस ने उसके ग्राहकों से भी पूछताछ की. ग्राहकों ने बताया कि वह 21 जून को सब्जी बेचने नहीं आया था. इसके बाद पुलिस ने उसका सीमेन, खून, नाखून, बाल आदि का सैंपल लेकर जांच के लिए आगरा एफएसएल भेजा. एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि हुई की घटनास्थल से पाए गए कंडोम दर्याव का सीमेन था. 

पुलिस ने दर्याव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. एडीजे-3 विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामकिशोर की अदालत में इस मुकदमे का ट्रायल चला. विशेष लोक अभियोजक अलका उपमन्यु ने बताया कोर्ट में पुलिस की ओर से दाखिल साक्ष्यों और गवाही की तस्दीक कराई गई. कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर दर्याव को इस शर्मनाक वारदात का दोषी करार दिया है और उसे फांसी की सजा सुनाई है. साथ ही 1.20 लाख का जुर्माना भी लगाया है.

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