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मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर घोषित किया उत्तराधिकारी, यूपी में उपचुनाव लड़ेगी BSP

मायावती ने रविवार को लखनऊ में बसपा के सभी प्रदेश प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें आकाश आनंद भी मौजूद थे. बैठक के दौरान आकाश आनंद ने बुआ मायावती का पैर छूकर आशीर्वाद लिया. यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भतीजे के सिर पर प्यार से हाथ रखकर दुलारा और पीठ थपथपाई.

मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ. (PTI/File Photo) मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद के साथ. (PTI/File Photo)
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 23 जून 2024,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है. उन्हें दोबारा बहुजन समाज पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक भी बना दिया गया है. एक दिन पहले ही आकाश को उत्तराखंड उपचुनाव के लिए पार्टी का स्टार प्रचारक बनाया गया था. उनका नाम लिस्ट में मायावती के बाद दूसरे नंबर पर था. मायावती ने रविवार को लखनऊ में बसपा के सभी प्रदेश प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें आकाश आनंद भी मौजूद थे. बैठक के दौरान आकाश आनंद ने बुआ मायावती का पैर छूकर आशीर्वाद लिया. यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भतीजे के सिर पर प्यार से हाथ रखकर दुलारा और पीठ थपथपाई. 

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बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान मायावती ने अपने एक फैसले से सभी को चौंका दिया था. उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को 'अपरिपक्‍व' बताकर पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया था. साथ ही उन्हें परिपक्व होने तक अपना उत्तराधिकारी बनाने से भी मना कर दिया था. दरअसल, लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद बसपा की कई सार्वजनिक रैलियों में काफी अक्रामक नजर आए. उनके कुछ भाषणों की काफी चर्चा हुई थी, जिसमें उन्होंने अपने विरोधियों पर तीखी टिप्पणियां की थीं.

मायावती ने आकाश पर लिया था एक्शन

ऐसे ही एक भाषण में उन्होंने भाजपा को आतंकवादी पार्टी बता दिया था, जिसे लेकर आकाश पर एफआईआर भी दर्ज हो गई थी. राजनीतिक पंडित मान रहे थे कि आकाश के तेवरों से बसपा एक नई जान आ गई है. इसी दौरान पार्टी प्रमुख मायावती ने आकाश को बसपा के राष्ट्रीय संयोक पद से हटाने की घोषणा कर दी. उन्होंने एक बयान में कहा था कि आकाश को अभी और परिपक्व होने की जरूरत है. लोकसभा चुनावों में बसपा की बुरी दुर्गति हुई थी और उसका खाता भी नहीं खुल सका था. उल्टा उत्तर प्रदेश में बसपा का वोट प्रतिशत 19 फीसदी से घटकर 10 फीसदी के आसपास रह गया था.

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आकाश आनंद को एक बार फिर पुरानी जिम्मेदारी सौंपकर मायावती ने एक तरह से कोर्स करेक्शन का काम किया है. उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में सभी 10 सीटों पर उपचुनाव होना है. बसपा उपचुनाव नहीं लड़ती थी. लेकिन इस बार पार्टी सुप्रीमो मायावती ने फैसला किया है कि बहुजन समाज पार्टी राज्य की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेगी. राष्ट्रीय संयोजक पद पर वासपी के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारीआकाश आनंद के कंधों पर आई गई है. वह उपचुनाव में टिकट बंटवारे से लेकर पार्टी के लिए प्रचार करते दिखेंगे. 

आकाश को संयमित रहने की हिदायत

आकाश को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाने की तैयारी मायावती ने तकरीबन हफ्ते पर पहले ही कर ली थी. 16 जून को आकाश लखनऊ आए थे, जहां सभी पुरानी बातों को लेकर मायावती ने उनसे चर्चा की. बसपा सुप्रीमो ने आकाश को ज्यादा संयमित रहने की हिदायत दी है. बसपा के वरिष्ठ नेता लाल जी मेधनकर ने बताया कि बैठक में मायावती ने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ताओं की अनुशासनहीनता की वजह से आकाश आनंद को बहुत झेलना पड़ा, आप लोगों ने कई जगह उन्हें सही से भाषण नहीं देने दिया'. माना जा रहा है कि बसपा की नजर 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव पर है. दो साल पहले आकाश को पार्टी में अहम जिम्मेदारी सौंपकर मायावती ने उन्हें यूपी चुनाव से पहले तैयारी का पर्याप्त मौका दिया है.

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