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ना INDIA, ना NDA... लोकसभा चुनाव में अकेला चलेगा हाथी, मायावती ने वजह भी बताई

अपने जन्मदिन के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि हमने अपनी सरकार के दौरान वर्तमान सरकारों की तरह अपना मोहताज नहीं बनाया बल्कि सरकारी और गैर सरकारी चेत्रों में रोजगार के साधन दिए. उन्होंने इस ऐलान किया कि बसपा अकेले ही लोकसभा का चुनाव लड़ेगी.

बसपा प्रमुख मायावती बसपा प्रमुख मायावती
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 15 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज अपने जन्मदिन के मौके पर लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के साथ-साथ बीजेपी पर भी निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने ईवीएम और INDIA ब्लॉक का जिक्र किया और ऐलान किया कि उनकी पार्टी बसपा पूरे देश में अपने बूते पर अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी. मायावती ने कहा कि अपनी पार्टी के जनाधार को बनाए रखना बहुत जरूरी है.

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अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा

गठबंधन का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा, 'गठबंधन करने से पार्टी को फायदा कम, नुकसान ज्यादा होता है और हमारा वोट प्रतिशत भी घट जाता है और अन्य दल के फायदा पहुंच जाता है. इसलिए अधिकांश पार्टी बीएसपी से गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहती हैं. हमारी पार्टी अकेले ही लोकसभा चुनाव लड़कर बेहतर नतीजे लाएगी. हम इसलिए चुनाव अकले लड़ते हैं क्योंकि इसका सर्वोच्च नेतृत्व एक दलित के हाथ है. गठबंधन करके बीएसपी का पूरा वोट गठबंधन की पार्टी को चला जाता है जबकि उस गठबंधन का वोट, विशेषकर अपर कास्ट वोट बसपा को नहीं मिलता है. '

मायावती ने कहा कि बसपा यूपी विधानसभा चुनाव भी अकेले लड़ चुकी है और अकेले सरकार भी बना चुकी है. उन्होंने कहा कि बीएसपी किसी को फ्री में समर्थन नहीं देगी लेकिन चुनाव के बाद गठबंधन के बारे में वह विचार कर सकती हैं. मायवती ने कहा कि हमारी पार्टी देश में जल्दी ही घोषित होने वाले लोक सभा चुनाव दलितों आदिवासियों अति पिछड़ों मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों के दम पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी.

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केंद्र पर निशाना

मायावती ने कहा कि आज कल की सरकारें नाम बदल कर घोषणाएं करने में लगी है जिनका वास्तविकता से लेना देना नही है. बीजेपी कांग्रेस की सोच सिद्धांत और जातिवादी सोच है. बीजेपी का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा धर्म और संस्कृति की आग में राजनीति की जा रही है जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है.

मायावती ने कहा, 'हमने यूपी में अपनी 4 बार की सरकार में सभी वर्गो के लिए काम किया, उसमे अल्पसंख्यक, गरीब, मुस्लिम, किसान और अन्य मेहनतकश लोगों के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की थी.सरकारें नाम और स्वरूप बदल कर अपना बनाने का प्रयास कर रही हैं लेकिन जातिवादी होने के कारण यह काम नहीं हो पा रहा है. रोजगार के साधन देने के बजाय फ्री में थोड़ा सा राशन देकर इनको अपना मोहताज बना रहे हैं जबकि हमने अपनी सरकार के दौरान वर्तमान सरकारों की तरह अपना मोहताज नहीं बनाया बल्कि सरकारी और गैर सरकारी चेत्रों में रोजगार के साधन दिए.'

उन्होंने कहा, 'बहुजन समाज के लोगों और अल्पसंख्यंको से कहना चाहूंगी कि आपने रोजगार और मान सम्मान के लिए, आगे आने वाली पीढ़ी के लिए, आपके संतो गुरुओं और महापुरुषों , अंबेडकर के रास्ते पर चलकर बीएसपी को मजबूत बनाना है.'

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प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण पर भी दिया जवाब

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के न्योते पर मायावती ने कहा, 'मुझे निमंत्रण मिला है, इसका मैंने वहां जाने का फैसला नही किया है क्योंकि पार्टी के काम में व्यस्त हूं. लेकिन जो भी कार्यक्रम होने जा रह है हमे एतराज नहीं है, स्वागत करतें हैं.आग चलकर बाबरी को लेकर कुछ होगा तो उसका भी स्वागत करेंगे.'

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