
महिला आरक्षण बिल (Women's Reservation Bill) को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हम इस बिल के साथ हैं. साथ ही एससी, एसटी/OBC कोटा भी सुनिश्चित होना चाहिए. आबादी के हिसाब से 50 प्रतिशत आरक्षण रहे तो अच्छा है.
मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- पहले SC, ST और अभी ओबीसी आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उम्मीद है इस बार महिला आरक्षण बिल पास होगा. मैं केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस बिल का समर्थन करती हूं. SC/ST/OBC वर्गों की महिलाओं का कोटा अलग से सुरक्षित करना चाहिए. अगर, ऐसा नहीं हुआ तो इन वर्गों के साथ नाइंसाफी होगी. हालांकि, ऐसा नहीं भी हुआ तब भी बसपा पार्टी आज पेश होने वाले महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेगी.
बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि पुराने संसद भवन (Old Parliament Building) की विदाई हो चुकी है. इसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकता है. मुझे संसद के दोनों सदनों में जाने का मौका मिला, जो मेरे लिए सौभाग्य की बात है. नए संसद की शुरूआत आज से की जा रही है जिसका बसपा दिल से स्वागत करती है.
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बता दें कि आज इस नए संसद भवन में महिला आरक्षण बिल पेश किया जाएगा जिसके पक्ष में बसपा सहित कई पार्टियां अपना मत देंगी. बकौल मायावती- बसपा ने महिला आरक्षण बिल को हमेशा समर्थन दिया है.
यूपी में क्या होगा असर?
संसद में महिला आरक्षण विधेयक पास होने के बाद यूपी में महिलाओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. बिल पास होने पर यूपी में लोकसभा की 26 सीटें और विधानसभा में 132 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी.
मालूम हो कि यूपी विधानसभा में 403 सदस्य हैं जिनमें से अभी महज केवल 48 महिलाएं हैं. प्रदेश में केवल 12 फीसदी ही उनकी भागीदारी है. वहीं, विधान परिषद में उनकी भागीदारी मात्र 6 फीसदी है. इसके साथ-साथ ही लोकसभा सीटों की बात करें तो यूपी में कुल 80 सीटें हैं, जिसमें 11 सांसद ही महिलाएं हैं. यानी, उत्तर प्रदेश में केवल 14% महिला प्रतिनिधित्व है.
महिला आरक्षण विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी (एक तिहाई सीटें) आरक्षित करने का प्रस्ताव है. लोकसभा में अभी महिला सांसदों की संख्या 15 फीसदी से कम है, जबकि राज्य विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व 10 फीसदी से भी कम है.