
यूपी के गोरखपुर एम्स में MBBS की छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. इसका आरोप एक वरिष्ठ अधिकारी पर लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए AIIMS के कार्यकारी निदेशक ने तुरंत एक्शन लिया है. मामले की जांच 9 सदस्यीय कमेटी को सौंपी है.
कार्यकारी निदेशक गोपाल कृष्ण पाल का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. घटना 17/18 दिसंबर 2023 की बताई जा रही है. आरोपी अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त करते हुए कैंपस में उसका प्रवेश वर्जित कर दिया गया है.
गोरखपुर एम्स ने विशाखा कमेटी का गठन किया
उन्होंने आगे बताया कि जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी अधिकारी गोरखपुर छोड़कर बाहर कही नहीं जाएगा. गोरखपुर एम्स ने विशाखा कमेटी का गठन किया है, जो इस मामले में जांच कर रही है. पीड़ित छात्रा एडमिट है. मैंने छात्रा और उसके परिजनों से मुलाकात की है. इस दौरान मेरे साथ एक महिला प्रोफेसर भी थीं. हमने करीब 45 मिनट बात की.
नवंबर में BHU की एक छात्रा के साथ हुई थी हैवानियत
1-2 नवंबर की दरमियानी रात BHU की एक छात्रा अपने एक साथी के साथ कैंपस में ही टहल रही थी. तभी एकांत जगह पर बाहरी युवकों ने दोनों को घेर लिया. उन्होंने छात्र और छात्रा को अलग किया, फिर छात्रा का यौन उत्पीड़न किया. युवकों ने छात्रा के जबरन कपड़े उतरवाए, उसका मोबाइल छीन लिया, साथ ही अपने फोन में उसकी तस्वीरें भी खींची. ये सब करीब 10 से 15 मिनट तक चला.
इस घटना के बाद बवाल मच गया. BHU के छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया था. सड़क से लेकर कैंपस तक विरोध-प्रदर्शन हुए थे. आरोपियों की गिरफ्तारी तक (करीब 60 दिन) प्रोटेस्ट चलता रहा था. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर उसमें पीड़िता के बयान के बाद गैंगरेप जैसी धाराएं जोड़ी थीं.