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GST कर्मियों ने पकड़ी माल गाड़ी तो गुस्साया व्यापारी, अधिकारियों के सामने उतार दिए कपड़े

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां सेल टैक्स अधिकारियों की कार्रवाई से गुस्साए व्यापारी ने अधिकारियों के ऑफिस में ही कपड़ा उतार दिया. मामले की जानकारी लगते ही कमिश्नर भी वहां पहुंच गए.

अधिकारियों के सामने कपड़े उतारने वाले व्यापारी अक्षय जैन अधिकारियों के सामने कपड़े उतारने वाले व्यापारी अक्षय जैन
उस्मान चौधरी
  • गाजियाबाद,
  • 06 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 8:20 AM IST

गाजियाबाद के मोहन नगर इलाके में एक मेरठ के व्यापारी ने सरकारी अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. बताया जाता है कि व्यापारी सेल टैक्स कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों के सामने कपड़े उतार दिए और धरने पर बैठ गया. जिसका विडियो वायरल हो रहा है. 

दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें एक व्यापारी सेल टैक्स अधिकारी के सामने उसके कार्यालय में ही कपड़े उतार कर बैठ गया है. घटना 4 अक्टूबर की बताई जा रही है. व्यापारी की पहचान गाजियाबाद के मोहन नगर के रहने वाले अक्षय जैन के रूप में हुई है. अक्षय मूल रूप से मेरठ के रहने वाले हैं और वह लोहे का व्यापार करते हैं. उनका गाजियाबाद में भी गोदाम है. 

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बिना किसी कारण अधिकारी उठा ले माल से बड़ी गाड़ी

अक्षय ने मीडिया से बताया कि उनकी एक गाड़ी मेरठ से गाजियाबाद माल ले कर गई थी.गाड़ी उन के गोदाम पर खड़ी थी. सुबह 6 बजे अधिकारी आते हैं और वह गाड़ी के कागज मांगते है. साथ ही बिना कुछ बताए अधिकारी गाड़ी लेकर चले गए और ड्राइवर से बोला कि व्यापारी को ढाई बजे तक ऑफिस भेज देना.
 
अक्षय का आरोप है कि उन्होंने लगातार अधिकारी को फोन मिलाया लेकिन उन्होंने गाड़ी पकड़ने की वजह नहीं बताई. इसके बाद वह अपने व्यापारियों साथियों के साथ अधिकारी से मिले. इस दौरान अधिकारियों ने उनसे रिश्वत मांगी. वहीं, अक्षय ने जब गाड़ी साथ ले जाने का कारण पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि डिलीवरी चालान के अंदर साइज मेंशन नहीं किया गया है. इस पर अक्षय ने कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है.

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जिस पर अधिकारी ने कहा कि वह धारा 129 के तहत चालान कर सकते हैं और कहा कि तुम्हारा टैक्स 1 लाख 95 हजार के आसपास का बनता है. ऐसे में आधे पैसे की व्यवस्था कर दो. लेकिन अक्षय ने पैसा देने से मना कर दिया. अक्षय का आरोप है कि अधिकारी ने कहा कि उनका 85 लाख रुपए हर महीना का कलेक्शन का टार्गेट है. यह कलेक्शन सरकार को जाता है. इस पर अक्षय ने कहा कि उन्होंने पूरा टैक्स दिया है. हम झोली भर के सरकार को टैक्स देते हैं. हमारी स्थिति और पैसे देने की नहीं है और मुझे लड़ना नहीं था इसलिए मैंने अपने कपड़े उतार दिए.

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अक्षय ने अधिकारियों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

अक्षय ने कहा कि मैं जैन समाज से आता हूं मुझे अहिंसा सिखाई जाती है. मैं आवेश में था और मैं दिगंबर अवस्था का भी नाम लिया. इसके बाद वहां पर जॉइंट कमिश्नर आए और उनसे हमारे व्यापारी साथियों ने वार्ता की और उन्होंने अधिकारी की गलती मानी और कहा कि गाड़ी ऐसे ही छोड़ दूंगा तो अधिकारी की नौकरी पर सवाल आ जाएगा इसलिए आप 10000 की पेनल्टी भर दें और गाड़ी ले जाएं. जिसके बाद हमने 10000 भरे और गाड़ी ले आए. पूरे मामले को लेकर अक्षय ने अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है. 
 

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